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फर्जी मार्क्सशीट की रिपोर्ट 15 दिन में

university-logoशिमला— एचपीयू फर्जी मार्क्सशीट मामले में अधिष्ठाता अध्ययन की अध्यक्षता में गठित जांच कमेटी ने इस मामले को सुलझाने के लिए मामले से जुड़े तथ्य खंगालने शुरू कर दिए हैं।कमेटी परीक्षा शाखा और कम्प्यूटर शाखा से फर्जी मार्क्सशीट कैसे बनी और इसे बनाने में आरोपी सहायक कुलसचिव के साथ कोई और भी शामिल था, इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है। विश्वविद्यालय में सामने आए इस फर्जी मार्क्सशीट मामले की जांच की आंच अन्य फर्जीबाड़े से जुड़े मामलों का भी खुलासा कर सकती है, जिसमें 2006 में विश्वविद्यालय के ही असिस्टेंट रजिस्ट्रार पर, जिस परीक्षा सेंटर में वह परीक्षा सुपरिंटेंडेंट तैनात थे  में अपने बेटे की परीक्षा दिलवाने का आरोप है। इस मामले पर भी विवि के समक्ष फिर से मामला आने पर जांच शुरू कर दी गई है। इससे पहले भी एसएफआई का आरोप है कि इस मामले पर एसएफआई ने बार-बार विश्वविद्यालय प्रशासन को शिकायत दर्ज करवाई थी, लेकिन प्रशासन द्वारा उक्त अधिकारी के खिलाफ और इस मामले के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। अब फर्जी मार्क्सशीट मामले पर विश्वविद्यालय प्रशासन पर जांच के दबाव के चलते दूसरे मामले पर फिर से शिकायत आने पर प्रशासन को इस मामले की जांच भी करनी पड़ रही है, जिससे फर्जी मार्क्सशीट मामले की जांच में विश्वविद्यालय के कई अन्य फर्जीबाड़े से जुड़े मामलों पर भी पड़ी धुंध छंट सकती है। वहीं फर्जी मार्क्सशीट मामले के आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने के साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा आरोपी सहायक कुलसचिव को पद से निलंबित कर दिया गया है।

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