October 22, 2017

प्रिंसीपल-एबीवीपी में तकरार

newsमंडी  —  मंडी कालेज में चार दिन पूर्व हुई एबीवीपी व एसएफआई की लड़ाई बाद गुरुवार को एक और हंगामा हुआ। अब की बार कालेज की कैंटीन को लेकर छात्र संगठनों व कालेज प्रबंधन में टकराव की स्थिति बन गई है। मंडी महाविद्यालय में कैंटीन अभी तक आबंटित भी नहीं की गई है, लेकिन उससे पहले ही कैंटीन को लेकर विवाद शुरू हो गया है। विद्यार्थी परिषद का आरोप है कि कालेज कैंटीन से एनएसयूआई अपनी गतिविधियां चलाती है और इसे लेकर गुरुवार को परिषद कार्यकर्ताओं व कालेज प्रधानाचार्य के बीच जमकर हंगामा हुआ। इस मामले को गुरुवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता कालेज प्रधानाचार्य से उलझ गए, जिससे कालेज में माहौल फिर गरमा गया है। इसे देखते हुए अब छात्र संघ चुनावों तक कैंटीन को बंद रखने की भी नौबत आ गई है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कालेज की कैंटीन, जिस व्यक्ति को दी जा रही है, उसके वर्कर एनएसयूआई के कार्यकर्ता हैं, जो सारा साल कालेज में छात्र राजनीतिक गतिविधियों में शामिल रहते हैं। एबीवीपी के जिला संयोजक योगेश ठाकुर का कहना है कि जिस व्यक्ति को कैंटीन आबंटित की जा रही है, उसके सभी कर्मचारी छात्र संगठन एनएसयूआई से ताल्लुक रखते हैं। गत वर्ष भी कैंटीन मैनेजर के वर्कर कालेज परिसर में राजनीतिक गतिविधियों में शामिल रहे थे, जबकि दूसरी ओर एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं का कहना है कि एबीवीपी नहीं चाहती है कि कालेज परिसर में कैंटीन चले। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता जो आरोप लगा रहे हैं, वे निराधार हैं। वे कालेज के माहौल को बिगाड़ना चाहते हैं। उधर, सीएससीए अध्यक्ष नरेंद्र कुमार ने कहा कि एबीवीपी बेबुनियाद आरोप लगा रही है। जो वर्कर कैंटीन में काम कर रहे हैं, वे किसी भी संगठन की गतिविधियों में शामिल नहीं हुए हैं। वहीं, कैंटीन आबंटन कमेटी हैड प्रो. योगेश पाल शर्मा ने कहा कि अभी कैंटीन आबंटित नहीं की गई है। इसे लेकर बेवजह विवाद हो रहा है।

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