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प्राकृतिक प्रकोप ग्रसितों का मसीहा बना हिप्र राहत मैनुअल :अमर सिंह ठाकुर

6 जुलाई बिलासपुर : प्रकृति इस संसार की सबसे उच्च कोटी की नेमत है तथा प्रकृति की अठखेलियों के सहारे मानव जीवन अपने उद्देश्यों को पूर्ण कर पा रहा है। प्रकृति ने मनुष्य को वो सब कुछ दिया है जिस चीज की उसे आवश्यकता है तथा अपने सुंदर यौवन से प्रकृति कभी मनुष्य को पुचकारती है तो कभी भयावह रूप धारण करके डराती व चेताती है। परंतु मनुष्य है कि समझने को तैयार ही नहीं और प्रकृति के साथ खिलवाड़ से बाज ही नहीं आता। हालांकि प्राकृतिक प्रकोपों से राहत के लिए समाज देश की व्यवस्थाओं ने लोगों की सुविधा के लिए कुछ नियम भी बनाए हैं। इन्हीं नियमों में से एक है हिमाचल प्रदेश आपदा प्रबंधन एवं राहत मैनुअल। राजस्व विभाग का यह राहत नियमावली (मैनुअल) प्राकृतिक प्रकोपों से ग्रस्तिों के लिए मसीहा बनकर उभरी है। प्रदेश के सभी जिलों में यह राहत नियमावली लागू है तथा राजस्व विभाग द्वारा अपने स्तर पर नुकसान का जायजा लेकर इस राहत राशि को जारी करवाया जाता है।
इस राहत नियमावली में प्राकृतिक आपदा जैसे भूकंप, सूखा, बाढ़, बादल फटना, सड़क दुर्घटना, भूस्खलन, मकान गिरना, हिमपात व हिमखंड खिसकना, जंगल में आग, आगजनी, औद्योगिक व रासायकि दुर्घटना, शामिल है। इसके दूसरे चरण में चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य सेवाएं शामिल हैं।
राहत मैनुअल के अनुसार प्राकृतिक आपदा से दिवंगत व्यक्ति के परिजनों को डेढ़ लाख तक की राहत राशि का प्रावधान है। यह राहत उसमें भी मिलेगी जिसकी राज्य से बाहर प्राकृतिक आपदा या दुर्घटना में मृत्यु हुई हो।
इसी प्रकार यदि व्यक्ति प्राकृतिक आपदा में आंखे या कोई शरीर का अंग गवां बैठता है तो 40 से 80 प्रतिशत तक विकलांगता होने पर 43,500 तथा 80 प्रतिशत से अधिक विकलांगता पर 62 हजार की राशि जारी की जाती है। इसके लिए स्थानीय उपमंडलाधिकारी यानि (एसडीएम सिविल) को जिसकी अधिकार क्षेत्र में यह राहत राशि जारी की जाती है को हल्फनामे के साथ एक आवेदन प्रभावित परिवार को लगाना होता है जिससे राहत राशि की मदद पाई जा सकती है।
इसी प्रकार प्राकृतिक आपदाओं से घायलों को भी राहत राशि प्रदान भिन्न-भिन्न मूल्य की राहत राशि प्रदान की जाती है।
राहत नियमावली के अनुसार कृषि में 50 से 75 फीसदी तक फसल का नुकसान होने पर 300 रु0 प्रति बीघा के हिसाब से राहत राशि दी जाती है। से 75 प्रतिशत से उपर नुकसान पर 500 रु0 प्रति बीघा के हिसाब से राहत राशि प्रदान की जाती है। इसी प्रकार वर्षा सिंचित क्षेत्रों में कृषि फसल व बागवानी फसल के व वार्षिक उगाने जाने वाली फसलों के 3 हजार रु. प्रति हैक्टेयर प्रदान किए जाते हैं। इसी प्रकार 6 हजार रु0 प्रति हैक्टेयर सिंचित क्षेत्रों के लिए निर्धारित किए गए है।
इसी प्रकार बोया क्षेत्रों में बारहमासी सभी प्रकार की फसलों के लिए 8 हजार रु0 प्रति हैक्टेयर राहत राशि का प्रावधान है। सेरीकल्चर में प्राकृतिक आपदा से इरी, शहतूत व टुसार में नुकसान के लिए 3200 रु0 प्रति हैक्टयर तथा मूगा के लिए प्रति हैक्टेयर 4000 रु0 की राहत राशि का प्रावधान है।
इसी प्रकार हैंडीक्राफट व हैंडलूम में भी क्षतिग्रस्त मशीनों के लिए 3000, कच्चे माल के नुकसान, सामग्री, निर्मित वस्तुओं के नुकसान पर 3 हजार रु0 की राहत राशि का प्रावधान है।
राहत नियमावली में पक्के मकान को 50 प्रतिशत तक नुकसान होने पर 50 हजार तथा कच्चे मकान के लिए 40 हजार की राहत राशि का प्रावधान है। जबकि 30 प्रतिशत क्षतिग्रस्त पक्के मकान के लिए 25 हजार तथा कच्चे मकान के लिए 20 हजार का प्रावधान है। इसके अलावा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त पक्के मकान के लिए 12,500 तथा कच्चे मकान के लिए 10 हजार का प्रावधान है। इसके अलावा घर से लगती मवेशी शालिका के लिए 25 सौ रु0 की राहत राशि का प्रावधान है।
जिला बिलासुपर में राज्य आपदा प्रबंधन एवं रिलीफ मैनुअल के अंतर्गत प्राकृतिक प्रकोप, दुर्घटना, भारी वर्षा से नुकसान से लोगों को हुए नुकसान के चलते सदर बिलासपुर के 11 मृतकों को 15 लाख, नैनादेवी में 8 मृतकों को 12 लाख की राशि प्रदान की गई है। इसी प्रकार प्राकृतिक आपदा से गंभीर चोट पर सदर बिलासपुर में 24 व्यक्तियों को 210000 तथा 20 लोगों को मकान व गउशाला को प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान के लिए 189850 की राहत राशि प्रदान की गई है। इसी प्रकार सदर में मवेशियों की प्राकृतिक आपदा से मृत्यु पर 10 लोगों को 139800 रु0 की राशि प्रदान की गई। नैनादेवी में गंभीर चोट पर 3 व्यक्तियों को 25000, 18 व्यक्तियों मकान व मवेशी शाला को हुए नुकसान पर 162500 की राहत राशि प्रदान की गई।
इसी प्रकार घुमारवीं उपमंडल की भराड़ी उपतहसील में प्राकृतिक आपदा से जानी, मकान, पशुशाला, मवेशी को हुए नुकसान के चलते मार्च से जून माह तक 43 लोगों को 828650 की राशि प्रदान की गई जिसमें दो मृतक शामिल हैं। झंडूता तहसील में 41 लोगों को जिसमें तीन मृतक शामिल है को 718500 रु0 की राशि प्रदान की गई। घुमारवीं तहसील में 59 लोगों को जिसमें चार मामले मृत्यु के थे को 1024390 रु0 की राशि प्रदान की गई। निस्संदेह हिप्र राहत मैनुअल प्राकृतिक प्रकोपों से ग्रस्ति लोगों के लिए जो राहत राशि पहुंचा रही है वह बिल्कुल सही कदम है।

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