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प्रदेश सरकार डॉक्टरों सहित सभी स्वास्थ्य कर्मियों के कल्याण को प्रतिबद्ध: जीएस बाली

vvvधर्मशाला, 10 अक्तूबर: खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, परिवहन तथा
तकनीकी शिक्षा मंत्री जीएस बाली ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को
प्राथमिकता प्रदान कर रही है तथा डॉक्टरों और अन्य संबंधित कर्मचारियों के
कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश सरकार ने इसके दृष्टिगत अनेक प्रभावी पग
उठाए हैं और हाल ही में प्रशिक्षु डॉक्टरों को दिए जाने वाले स्टाइपंड में
वृद्धि की है। प्रदेश सरकार ने आईजीएमसी, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज
टांडा और राजकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय शिमला के प्रशिक्षु डॉक्टरों को दिए
जाने वाले स्टाइपंड को 8 हजार से बढ़ा कर 10 हजार रूपये करने का निर्णय लिया है।
     बाली आज डॉ. राजेन्द्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल
टांडा में भारतीय सर्जन एसोसिएशन के उत्तरी चैप्टर के तीन दिवसीय वार्षिक
सम्मेलन के दूसरे दिन के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे।
     जीएस बाली ने कहा कि टांडा अस्पताल के डॉक्टरों और प्रदेशभर तथा बाहर से
आने वाले मरीजों की सुविधा के लिए टांडा को प्रदेश के सभी महत्वपूर्ण शहरों से
परिवहन सुविधा से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही धर्मशाला से श्रीनगर
के लिए मैत्री बस सेवा के रूप में वॉल्वो बस चलाई जाएगी। डॉक्टरों सहित अन्य
लोगों की सुविधा के लिए यह बस टांडा के समीप वाया 53मील से जाएगी। इसके
अतिरिक्त टांडा से मनाली के लिए साधारण किराये पर एसी बस चलाई गई है।
     बाली ने कहा कि टांडा अस्पताल ने बहुत कम अवधि में उल्लेखनीय उपलब्धियां
अर्जित कर नाम कमाया है और आज यह अस्पताल उत्तरी भारत के अग्रणी स्वास्थ्य
संस्थानों में शुमार है। टांडा अस्पताल के आधुनिकीकरण व सुदृढ़ीकरण में धन की
कोई कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा संस्थानों को
ढांचागत और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के उपरांत संस्थान को सही
मायने में स्वरूप देने की जिम्मेदारी वहां कार्यरत अधिकारियों, कर्मचारियों की
होती है। उन्होंने टांडा को उत्तरी भारत के अग्रणी स्वास्थ्य संस्थानों में
शामिल करवाने मंे संस्थान के डॉक्टरों और कर्मचारियों की मेहनत और समर्पित
प्रयासों की सराहना की।
     उन्होंने कहा कि वह हमेशा डॉक्टरों के हितों के लिए आवाज उठाते रहे हैं।
उन्होंने भविष्य में भी संस्थान को हर सम्भव सहायता और सहयोग का आश्वासन दिया।
     उन्होंने चिकित्सा को एक पुनीत पेशा बताते हुए कहा कि डॉक्टर दिन-रात
लोगों की सेवा में तत्त्पर रहते हैं, जो सराहनीय है। इस तरह के सम्मेलनों के
आयोजनों को महत्वपूर्ण करार देते हुए जीएस बाली ने कहा कि इन आयोजनों के
माध्यम से जहां स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञ अपने अनुभव और विचार एक-दूसरे
से सांझा करते हैं और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण तथा अद्यतन करने के मार्ग
को प्रशस्त करते हैं वहीं प्रशिक्षु डॉक्टरों को सीखने का उचित अवसर उपलब्ध
होता है।
     जीएस बाली ने टांडा अस्पताल में लैप्रोस्कोपी सर्जरी के लिए नए व आधुनिक
उपकरण खरीदने के संदर्भ में एम्स के निदेशक प्रो. एमसी मिश्रा द्वारा एम्स की
ओर से सहयोग के प्रस्ताव की सराहना करते हुए कहा कि इस संदर्भ में वह
मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से मामला उठाएंगे।
     इस अवसर पर जीएस बाली ने एसोसिएशन की स्मारिका का विमोचन किया।
     उन्होंने एम्स के निदेशक प्रो0 एमसी मिश्रा, विख्यात लैप्रोस्कोपी सर्जन
प्रो0 एसडी मौर्या सहित एसोसिएशन के अन्य पदाधिकारियों को सम्मानित भी किया।
     इस अवसर पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान नई दिल्ली के निदेशक प्रो.
एमसी मिश्रा ने टांडा अस्पताल मंें सर्जरी विभाग के सुदृढ़ीकरण के लिए सर्जरी
के नए उपकरण खरीदने और ऑपरेशन थियटरों को ओर बेहतर बनाने की आवश्यकता पर बल
दिया। उन्होंने कहा कि एम्स अस्पताल द्वारा हर वर्ष सर्जरी उपकरणों की खरीद की
जाती है और हिमाचल प्रदेश की ओर से प्रस्ताव भेजे जाने पर एम्स किफायती दरों
पर यह उपकरण हिमाचल को उपलब्ध करवाने में सहयोग कर सकता है। उन्होंने कहा कि
कंागड़ा जिले में नैसर्गिक सौन्दर्य के चलते जहां प्राकृतिक पर्यटन की अपार
सम्भावनाएं हैं, वहीं कांगड़ा घाटी में स्वास्थ्य पर्यटन की भी पर्याप्त
सम्भावनाएं हैं और स्वास्थ्य संस्थानों को और अधिक सुविधाएं उपलब्ध करवा कर
इसका दोहन किया जा सकता है।
     इस अवसर पर सम्मेलन के संयोजक सचिव प्रो. रमेश भारती ने जीएस बाली तथा
अन्य मेहमानों का स्वागत किया। इस दौरान प्रो. अशोक अत्री और एसोसिएशन के सचिव
डॉ. अश्वनी दलाल ने भी अपने विचार रखे। डॉ. अतुल महाजन ने धन्यवाद प्रस्ताव
किया।
     डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ0 अनिल चौहान सहित
उत्तरी भारत के विभिन्न राज्यों के स्वास्थ्य संस्थानों के विशेषज्ञ सर्जन,
भारतीय सर्जन एसोसिएशन के पदाधिकारी तथा विद्यार्थियों सहित अन्य गणमान्य
व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
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