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’प्रदेश सरकार औद्योगिक विकास के लिए प्रतिबद्ध: उद्योग मंत्री’

 

उद्योग मंत्री श्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि एकल खिड़की बैठक में स्वीकृतियां
देने के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह द्वारा लिया गया निर्णय अंतिम
होगा और इसके उपरांत कोई भी विभाग ऐसी आपत्ति नहीं दर्ज कर पाएगा, जिसे
प्रदेश में निवेश की सरल प्रक्रिया बाधित हो।

उन्होंने कहा कि नए उद्योगों के लिए सभी स्वीकृतियां 90 दिनों की अवधि में
उपलब्ध करवाई जाएंगी ताकि उद्योगपतियों को उद्योग स्थापित करने में असुविधा
न हो।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में अन्य राज्यों से कम विद्युत दरें हैं और प्रदेश
सरकार ने अगले चार वर्षों के लिए इन दरों को यथावत् रखने का निर्णय लिया
है। राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए और बड़े औद्योगिक
घरानों को प्रदेश में निवेश के लिए आकर्षित करने के लिए देश भर में
विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों पर ‘एकल खिड़की मोबाइल रोड शो’ आयोजित किए
जाएंगे। निवेशकों को औद्योगिक इकाइयां लगाने के लिए आवश्यक मूलभूत
सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी।

उन्होंने कहा कि वर्धमान गु्रप ने प्रदेश में 500 करोड़ रुपये के निवेश से
औद्योगिक इकाई स्थापित करने में रूचि दिखाई है और इसी तरह भारतीय गैस
प्राधिकरण ने बद्दी-बरोटीवाला के लिए गैस लाईन बिछाने की इच्छा जताई है।
प्राधिकरण ने ऊना जिला के टाहलीवाल में भी इसी तरह की परियोजना शुरू की है।
इसके अलावा एल ओरेल ग्रुप भी प्रदेश में निवेश के लिए उत्सुक है।

श्री अग्निहोत्री ने कहा कि बजट में प्रदेश में औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने के
लिए की गई घोषणाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया गया है और
शीघ्र ही औद्योगिक सलाहकार परिषद् का गठन किया जाएगा।

उद्योग मंत्री ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक इकाइयां लगाने की प्रक्रिया में
भूमि अधिग्रहण में बिचौलियों और मध्यस्थतों की भूमिका को समाप्त करने
के लिए उद्योग विभाग को पूरी तरह से ऑन लाईन किया जाएगा। यदि कोई सरकारी
या अन्य व्यक्ति उद्योगपतियों को गुमराह करता है या रिश्वत लेने या देने का प्रयास
करता है तो उद्योगपति मुख्यमंत्री कार्यालय या उद्योग विभाग को इस सम्बन्ध में
सूचित करें ताकि सरकार उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर सके। उन्होंने कहा कि
सरकार प्रदेश में सत्ता की बागडोर संभालने के उपरांत भ्रष्टाचार के विरूद्ध जीरो
टोलरेंस की नीति अपनाई है। सरकार नहीं चाहती कि प्रदेश में निवेश के इच्छुक
लोगों में हिमाचल के बारे में नकारात्मक छवि बने। उन्होंने कहा कि सरकार
हिमाचल प्रदेश को उत्तर भारत क

 

औद्योगिक हब के तौर पर विकसित करने के प्रति वचनबद्ध है और निवेशकों को
अनुकूल महौल मुहैया करवाने में सफल रही है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में भूमि बैंक का निर्माण किया गया है और सभी
उपायुक्तों को अपने यहां औद्योगिक इकाइयां लगाने के लिए भूमि चिन्हित करने
के निर्देश दिए गए हैं, जिससे न सिर्फ रोजगार सृजित होंगे बल्कि प्रदेश के
लोगों की आर्थिकी में भी सुधार होगा।

उन्होंने कहा कि शीघ्र ही उद्योगपतियों के लिए भूमि लेने के सम्बन्ध में
नियमों में ढील देने के लिए प्रावधान किया जाएगा और यह मामला आगामी
मॉनसून सत्र में उठाया जाएगा।

उन्होंने पीरामल इंटरप्राईजिज लिमिटेड की डॉ. स्वाति और डॉ. अजय पीरामल का
शिमला को एक शव वाहन भेंट करने के लिए धन्यवाद किया और एक औद्योगिक
घराने द्वारा धर्मशाला के लिए कैदी वाहन भेंट करने के लिए आभार व्यक्त किया।

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