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’प्रदेश में जल परिवहन सेवा आरम्भ की जाएगीः परिवहन मंत्री’

DSC_0021’शिमला में चालक प्रशिक्षण स्कूल संचालकों की एक दिवसीय कार्यशाला’

प्रदेश सरकार यात्रियों को सुविधाजनक और सुरक्षित यातायात उपलब्ध करवाने के
लिए प्रतिबद्ध है। इस के लिए वैकलिक परिवहन की संभावनाओं को तलाश कर इसे
व्यवहारिक बनाने के लिए सरकार प्रयासरत है। इसके अन्तर्गत, प्रदेश की वाटर बाॅडीज़
पर शीघ्र ही जल-परिवहन सुविधा आरम्भ की जायेगी। यह बात परिवहन मंत्री श्री
जी.एस. बाली ने आज यहां चालक प्रशिक्षण स्कूल संचालकों की एक दिवसीय
कार्यशाला के शुभारम्भ अवसर पर कही। इस कार्यशाला में प्रदेशभर के करीब 56
सरकारी तथा निजी चालक प्रशिक्षण स्कूलों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।

श्री बाली ने कहा कि पहले चरण में प्रदेश के तीन जिलों के 16 रूटों पर जल
परिवहन शुरू किया जाएगा। इनमें बिलासपुर जिले के 14 रूट, जिसमें भाखड़ा-
ब्रहमणी कलां, चैंतड़ा क्रासिंग, कड़ोह-कफाड़ा, मालरोन-नकराना, गाह-चलेला,
धानी-पगवाना, ज्योरा-समलेटा, नाला नौण-ऋषिकेश, लुहणूघाट-बेरी दरोलां,
कड़ोह काफना-बिलासपुर, बिलासपुर-नाहरल, बिलासपुर-जगातखाना तथा
बरनाली-धमेटा वाया रीन सेरी शामिल हैं। इसी प्रकार, पौंग बांध, कांगड़ा में
डाडासिब्बा-नगरोटा सुरियां तथा चम्बा के भनोटा-राजनगर-भलेई के बीच जल
परिवहन सुविधा आरम्भ की जाएगी।

परिवहन मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य में जल परिवहन को आरम्भ करने का
प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा था, जिसपर केन्द्र सरकार ने अपनी संस्तुति दी है।
जल परिवहन पर आगामी कार्रवाई के लिए शीघ्र ही परिवहन विभाग के उच्च
अधिकारियों का टीम दिल्ली जाएगी।

उन्होंने कहा कि जल परिवहन में यात्रियों के साथ-साथ माल ढोने की व्यवस्था
भी की जाएगी, जिससे क्षेत्र के किसानों को अपने उत्पाद मण्डियों तक पहंुचाने के
लिये सस्ती और सुलभ परिवहन सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि पीपीपी मोड
में शुरू की जाने वाली जल परिवहन को मांग के अनरूप प्रदेश के अन्य भागों में
भी उपलब्ध करवाया जाएगा।

श्री बाली ने कहा कि उन्होंने कहा कि नई परिवहन नीति में प्रदेश सरकार ने सड़क
सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की है। प्रदेश के सभी चालक प्रशिक्षण
स्कूलों को आधुनिक तकनीकी सुविधाओं से लैस किया जायेगा ताकि ये स्कूल
प्रदेश को बेहतर चालक दे सकें। उन्होंने कहा कि पीपीपी मोड में प्रदेश में

आधुनिक चालक प्रशिक्षण स्कूल खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं

में कम लाने के लिए नई परिवहन नीति कारगर साबित होगी।

परिवहन मंत्री ने कहा कि बेहतर तकनीकी जानकारी उपलब्ध करवाकर सड़क दुर्घटनाओं
को कम किया जा सकता है। नई परिवहन नीति में चालकों के प्रशिक्षण में
आपातकालीन प्रबन्धन पर विशेष बल दिया गया है। यह सुनिश्चित बनाया जायेगा कि
चालक-परिचालकों को समय-समय पर विषय विशेषज्ञों द्वारा उचित प्रशिक्षण दिया
जाएगा। इससे निश्चित तौर पर सड़क परिवहन को भी लाभ मिलेगा।

श्री बाली ने कहा कि निगम की सभी बसों कोें जीपीएस प्रणाली से सम्बद्ध किया जा
रहा है, जिससे बस की लोकेशन और स्थिति की हर समय जिला मुख्यालय पर
माॅनीट्रिंग रहेगी। उन्होंने कहा कि टाॅल-फ्री नम्बर 94180-00529 पर नवम्बर माह के
दौरान 1706 शिकायतें प्राप्त हुईं हैं, जिनपर कार्रवाई की गई है।

इससे पूर्व, श्री बाली ने परिवहन विभाग द्वारा चालकों, परिचालकों तथा
मैकेनिकों को तैयार की गई ‘बस के रख-रखाव व सुरक्षा की दिशा-निर्देशिका
तथा स्टीकर का विमोचन भी किया।

परिवहन विभाग के प्रबन्धक निदेशक एवं आयुक्त डा. आर.एन. बत्ता ने स्वागत किया
तथा विभाग द्वारा चालकों-परिचालकों के लिये प्रशिक्षण गतिविधियों की
जानकारी दी।

खाद्य आपूर्ति विभाग के निदेशक श्री प्रियतु मण्डल, राज्य परिवहन प्राधिकरण के
सचिव श्री संजय शर्मा तथा परिवहन के संयुक्त आयुक्त कैप्टन रमन शर्मा भी इस अवसर
पर उपस्थित थे।

 

 

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