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पैंशनरों/पारिवारिक पैंशनरों को 1 जुलाई 2013 से 20 अगस्त 2013 तक अपना जीवित प्रमाण पत्र जिला कोष कार्यालय में जमा करवाना अनिवार्य

6 जुलाई, बिलासपुर : जिला बिलासपुर में हिमाचल प्रदेश सरकार के सभी पैंशनरों/पारिवारिक पैंशनरों को 1 जुलाई 2013 से 20 अगस्त 2013 तक अपना जीवित प्रमाण पत्र जिला कोष कार्यालय बिलासपुर में जमा करवाना होगा। यह जानकारी जिला कोषाधिकारी श्री राकेश धर्माणी ने आज दी। उन्होंने बताया कि पैंशनर जिला कोष कार्यालय बिलासपुर के अलावा संबंधित उपकोष कार्यालय घुमारवीं, झंडूता और श्री नैनादेवी जी स्थित स्वारघाट में भी अपना जीवित प्रमाण पत्र जमा करवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस समय जिला कोष बिलासपुर से राज्य सरकार के कुल 7,555 पैंशनर/पारिवारिक पैंशनर 49 राष्ट्रीयकृत बैंक शाखाओं से पैंशन प्राप्त कर रहे हैं।
श्री धर्माणी ने बताया कि पारिवारिक पैंशनरों के मामले में पैंशनर को पुनर्विवाह संबंधी जानकारी भी संबंधित जीवित प्रमाण पत्र में ही दर्शानी होगी।
उन्होंने बताया कि कोई भी पैंशनर/पारिवारिक पैंशनर संबंधित प्रमाण पत्र को जिला कोष कार्यालय या नजदीकी उपकोष कार्यालय से प्राप्त कर सकते है। इसके अलावा पैंशनरों को कोष, लेखा एवं लाॅटरीज की विभागीय वैबसाईट www.himachal.nic.in/ePension से भी जीवित प्रमाण पत्र डाउनलोड करने की सुविधा प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि प्रमाण पत्र को पूरी तरह भरकर किसी भी राजपत्रित अधिकारी या अपने हलके के पटवारी अथवा जिस बैंक से पैंशन प्राप्त करते हैं उसके प्रबंधक से सत्यापित करवाकर डाक द्वारा भी जिला कोष कार्यालय बिलासपुर को भेजा जा सकता है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में या अन्य किसी भी प्रकार की पैंशन संबंधी जानकारी के लिए जिला कोष अधिकारी के दूरभाष नंबर 01978-222322 पर कार्यालय समय के भीतर संपर्क कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि पारिवारिक पैंशनरों को प्रमाण पत्र के साथ आयु प्रमाण पत्र/जन्मतिथि प्रमाण पत्र के तौर पर पैनकार्ड, दसवीं का प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, ड्राईविंग लाइसेंस में से कोई एक प्रमाण के तौर पर प्रस्तुत करना होगा। यदि पारिवारिक पैंशनर के पास इनमें से कोई भी प्रमाण पत्र मौजूद न हो तो उन्हें मतदाता पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा जिसमें पारिवारिक पैंशनर को यह लिखित में स्वीकार करना होगा कि उसके पास उपरोक्त प्रमाण पत्रों में से कोई भी नहीं है। श्री धर्माणी ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा अक्तूबर 2012 से 65 वर्ष से 80 वर्ष तक के सभी पैंशनरों को मूल पैंशन का पांच प्रतिशत पैंशन भत्ता प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पारिवारिक पैंशनरों के आयु प्रमाण न होने के कारण ये पैंशनर इस लाभ से वंचित रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि पैंशनर/ पारिवारिक पैंशनर अपना जीवित प्रमाण पत्र शीघ्र कोष कार्यालयों में जमा करवाएं ताकि पैंशनर/पारिवारिक पैंशन धारक अपनी पैंशन नियमित तौर पर प्राप्त कर सकें।

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