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पालमपुर की मिट्टी ने दिए शूरवीर

पालमपुर — कारगिल दिवस पर देश एक बार फिर शूरवीरों को सलाम कर रहा है। देश की सरहदों की रक्षा के लिए कोने-कोने से वीर सपूतों ने शहादतें दी हैं। इन्हीं में शामिल हैं पालमपुर उपमंडल के तीन वीर जवान, जिन्होंने अपनी शहादत से पूरे देश को गौरवान्वित करने के साथ पालमपुर उपमंडल को विशेष पहचान दिलाई है। पालमपुर देश का पहला उपमंडल है जहां के सपूतों ने सेना के तीन सर्वोच्च पदकों पर अपना नाम लिखवाया है। युद्ध के समय सेना का सर्वोच्च सम्मान परमवीर चक्र हासिल करने वाले मेजर सोमनाथ शर्मा उपमंडल के डाढ गांव से थे, तो कारगिल युद्ध में अदम्य साहस के लिए परमवीर चक्र से नवाजे गए कै. विक्रम बतरा पालमपुर के ही निवासी थे। पालमपुर के बनूरी गांव के मेजर सुधीर वालिया को शांतिकाल के समय दिए जाने वाले सर्वोच्च सेना पदक अशोक चक्र से सम्मानित किया गया है। 31 जनवरी, 1923 को जन्मे मेजर सोमनाथ शर्मा ने 22 फरवरी, 1942 में कुमाउं रेजिमेंट में कमीशन प्राप्त किया था। नवंबर, 1947 में पाकिस्तानी घुसपैठियों का सामना करते हुए अभूतपूर्व शौर्य का परिचय दिया था। मेजर सोमनाथ शर्मा परमवीर चक्र जीतने वाले देश के पहले सैन्य अधिकारी थे। 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान दुश्मनों के लिए दहशत का पर्याय बन गए कै. विक्रम बतरा को शेरशाह का नाम दिया गया था। उनके बोल यह दिल मांगे मोर आज भी देशवासियों के जहन में हैं। नौ सितंबर, 1974 को जन्मे विक्रम बतरा ने छह दिसंबर, 1997 को भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून से प्रशिक्षण प्राप्त कर 13 जैक रायफल में नियुक्ति पाई थी। कारगिल युद्ध के दौरान कै. विक्रम बतरा को महत्त्वपूर्ण प्वाइंट 5149 चोटी पर कब्जा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। अपने अदम्य साहस से चोटी से दुश्मनों को भगाने के बाद अपने ही एक जवान को बचाते-बचाते कै. बतरा ने शहादत का जाम पिया था। 24 मई, 1968 को जन्मे मेजर सुधीर वालिया ने 1998 में कमीशन प्राप्त किया था और उन्होंने विशेष कमांडो प्रशिक्षण प्राप्त किया था। कारगिल युद्ध में मष्कोह की जुलू टेकरी चौकी को दुष्मनों से मुक्त करवाने में मेजर वालिया ने महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। कारगिल युद्ध के एक माह बाद 29 अगस्त, 1999 को सूचना मिली थी कि कुपवाड़ा के हफरुदां जंगल में आतंकियों ने ठिकाना बनाया है। मेजर वालिया ने चार आतंकियों को मार गिराया, लेकिन वह खुद भी वहीं शहीद हो गए। 26 जनवरी, 2000 को उन्हें अशोक चक्र से सम्मानित किया गया।

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