October 21, 2017

’ पर्यावरण संरक्षण में युवा नागरिकों की महत्वपूर्ण भूमिका: राज्यपाल ’

राज्यपाल श्रीमती उर्मिला सिंह ने आज यहां राजभवन में राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण

अभियान के अन्तर्गत सतलुज जल विद्युत निगम द्वारा ऊर्जा दक्षता ब्यूरो के तत्वावधान
में ऊर्जा संरक्षण बारे जागरूकता उत्पन्न करने के उद्देश्य से आयोजित राज्य स्तरीय
चित्रकला प्रतियोगिता की अध्यक्षता की।

इस अवसर पर श्रीमती उर्मिला सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण समय की आवश्यकता है
और युवा पीढ़ी पर्यावरण संरक्षण का संदेश समाज में प्रसारित करने में
महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के
तेजी से हो रहे ह्ास में कमी लाने के उद्देश्य से ऊर्जा संवर्द्धन इस अभियान का
महत्वपूर्ण हिस्सा है।

राज्यपाल ने कहा कि ऊर्जा से परिपूर्ण जीवनशैली तथा ऊर्जा बचाने के उपायों
बारे स्कूली बच्चों को जागरूक बनाया जाना चाहिए, ताकि वे ऊर्जा सरंक्षण के
संदेश को अपने घरों, आस-पड़ोस और समाज में पहुंचा सकें। ऊर्जा के
संरक्षण से दैनिक जीवन में ऊर्जा पर होने वाले खर्चों में कमी आएगी।

राज्यपाल ने राष्ट्रीय स्वच्छता अभियान के अन्तर्गत 1300 स्कूलों को शौचालय
निर्माण के लिए अपनाने पर सतलुज जल विद्युत निगम के प्रयासों की सराहना की। इन
स्कूलों में विशेषकर लड़कियों के लिए शौचालयों की सुविधा उपलब्ध करवाने
पर बल दिया जाएगा।

राज्यपाल ने प्रारम्भिक शिक्षा निदेशक श्री अशोक शर्मा, ज्यूरी मैंबर्स, खण्ड
प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारियों तथा एसजेवीएनएल के कर्मचारियों को
प्रतियोगिता के आयोजन में दिए गए महत्वपूर्ण सहयोग के लिए सम्मानित किया।

श्रीमती सिंह ने चित्रकला प्रतियोगिता के विभिन्न वर्गों के विजेताओं को
पुरस्कार प्रदान किए।

कनिष्ठ वर्ग में दयानंद पब्लिक स्कूल, शिमला के हेमपुष्प चैहान प्रतियोगिता के
विजेता घोषित किए गए, जबकि दयांनंद पब्लिक स्कूल झाखड़ी के विजय प्रजापति
दूसरे स्थान पर और इसी स्कूल के उदय ठाकुर तीसरे स्थान पर रहे। वरिष्ठ वर्ग में
डीएवी लक्कड़ बाजार शिमला के हितेष शर्मा ने प्रथम स्थान हासिल किया। डीएवी
न्यू शिमला के शौर्य शर्मा ने द्वितीय और राजकीय उच्च विद्यालय मलोखर की
प्रतिभा ने तृतीय स्थान पर रहीं। पहले, दूसरे और तीसरे स्थान हासिल करने
वाले प्रतिभागियों को क्रमशः 20 हजार रुपये, 15 हजार रुपये तथा 10 हजार
रुपये के पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके अलावा, 2500 रुपये के 20 सांत्वना पुरस्कार
भी प्रतिभागियों को वितरित किए।

प्रतियोगिता में प्रदेश के 14,238 विद्यालयों के 4 लाख 61 हजार विद्यार्थियों
ने भाग लिया, जिनमें से कनिष्ठ और वरिष्ठ वर्ग प्रत्येक में से 50 प्रतिभागियों
को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित किया गया।

वरिष्ठ वर्ग की प्रतियोगिता के लिए ‘ऊर्जा की कमी-सावधानी के साथ प्रयोग, ‘ऊर्जा
बचाओ-धरती बचाओ’ तथा ‘बेहतर जीवन के लिए ऊर्जा उत्पादों के साथ बदलाव’,
जबकि कनिष्ठ वर्ग प्रतियोगियों के लिए ‘कल के सुनहरे भविष्य के लिए आज ऊर्जा
बचाओ’, ‘ऊर्जा बचाओ-प्रकृति बचाओ’ तथा ‘ऊर्जा का खर्च धन का खर्च’ विषय
निर्धारित किए गए थे।

सतलुज जल विद्युत निगम के निदेशक श्री एन.एल. शर्मा ने राज्यपाल का स्वागत किया
और जागरूकता अभियान के उद्देश्यों के साथ-साथ ऊर्जा क्षेत्र में सतलुज जल
विद्युत निगम के योगदान का ब्यौरा दिया।

प्रारम्भिक शिक्षा निदेशक श्री अशोक शर्मा और हि.प्र. राज्य विद्युत बोर्ड के
वित्त एवं कार्मिक निदेशक श्री राजीव शर्मा ने भी इस अवसर पर विचार रखे।

सतलुज जल विद्युत निगम तथा शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं विभिन्न
स्कूलों के बच्चे भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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