October 22, 2017

नेशनल रिपोजिटरी ऑफ एजुकेशनल रिसोर्सेस विषयक दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया

Pics Eduकेद्रीय विश्‍वविद्धालय हिमाचल प्रदेश के शिक्षक शिक्षा विभाग और राष्‍ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, नई दिल्‍ली (एनसीईआरटी) के संयुक्‍त तत्‍वाधानमें राष्‍ट्रीय शैक्षिक संसाधन कोश(नेशनल रिपोजिटरी ऑफ एजुकेशनल रिसोर्सेस)विषयक दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसका उद्देश्‍य शोधार्धियों और स्‍नाकोत्‍तर छात्रों को मुक्‍त ज्ञान संसाधन(ओपन एजुकेशनल रिसोर्स) के प्रयोग के लिए प्रेरित करना एवं उस तक उनकी पहुंच को सुनिश्चित करना है। एनसीईआरटी के एक्‍सपर्ट प्रोफेसर अमरेंद्र बेहरा ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि ओपन एजुकेशन रिसोर्स शिक्षकों और विद्धार्थियों के लिए अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण है, क्‍योंकि इसके जरिए वेसभी प्रकार की विषय सामग्री आसानी से पा सकते हैं और साथ ही इसके माध्‍यम से छात्रों को सीखने के रचनात्‍मक स्‍वरूप से जोड़ा जा सकता है। भारत सरकार विद्घालय स्‍तर पर नेशनल पॉलिटी ऑफ आईसीटी इन स्‍कूल एजुकेशन-2012 और आईसीटी विद्घालय योजना-2004 को प्रोत्‍साहित कर रही है और राज्‍य स्‍तर व राष्‍ट्रीय स्‍तर पर डिजिटल रिपोजिटरी को स्‍थापित कर रही है, जो विभिन्‍न स्‍तर के विद्घार्थियों के लिए सही डिजिटल विषयवस्‍तु उपलब्‍ध कराएगा। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्‍वविद्घालय के कुलपति प्रोफेसर योगिन्‍द्र सिंह वर्मा ने समाज तक ज्ञान की पहुंच और उसके महत्‍व पर प्रकाश डालते हुए इस कार्यशाला का शुभारंभ किया। उन्‍होंने कहा कि डिजिटल नॉलेज और कंप्‍यूटर हमें उच्‍च शिक्षाके लिएएक सही मार्ग प्रसस्‍त कराते हैं। शिक्षा संकाय के अधिष्‍ठाता डॉ मनोज कुमार सक्‍सेना ने अतिथियों का स्‍वागत करते हुए कहा कि यह कार्यशाला हमारी समझ और ज्ञान को बढ़ाएगी। उन्‍होंने कहा कि इस कार्यशाला के माध्‍यम से प्रतिभागी ई-कंटेंट को विकसित कर सकेंगे और उसकोमुक्‍त ज्ञान संसाधन(ओपन एजुकेशनल रिसोर्स) पर अपलोड कर सकेंगें। कार्यशाला में विभिन्‍न विषयों के लगभग चालीस प्रतिभिगियों ने हिस्‍सा लिया जिनमें शिक्षा, शोध छात्र, परास्‍नातक स्‍तर के विद्घार्थी तथा केंद्रीय तिब्‍बती विद्घालय डलहौजी और शिमला के शिक्षक भी रहे।

About The Author

Related posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *