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नमो के इंतजार में जर्मनी

17d3-13ब्रिस्बेन — जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात में भारत के केंद्रीय विद्यालयों में तीसरी भाषा के रूप में संस्कृत के विकल्प के तौर पर जर्मन भाषा को हटाने का मुद्दा उठाया। मोदी ने उन्हें इस विषय पर भारतीय प्रणाली की सीमाओं के भीतर विचार करने का आश्वासन दिया। यहां जी-20 शिखर सम्मेलन से इतर मुलाकात के दौरान मर्केल ने मोदी के साथ इस मुद्दे को उठाया। मुलाकात के दौरान एंजेला मर्केल ने कहा कि भारत और जर्मनी के रिश्ते बेहद गहरे हैं। साथ ही मर्केल ने पीएम मोदी को जर्मनी आने का न्योता भी दिया। मार्केल ने पीएम मोदी से कहा कि जर्मनी को आपका इंतजार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्पेन के प्रधानमंत्री मैरियानो ब्रे से भी मिले। जर्मन चांसलर ने मोदी से कहा कि भारत को ऐसी प्रणाली पर काम करना चाहिए, जहां बच्चे स्कूलों में जर्मन भाषा सीख सकें। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरूद्दीन ने कहा कि मर्केल ने भारतीय स्कूलों में संस्कृत के विकल्प के रूप में जर्मन भाषा पढ़ाए जाने के मुद्दे को उठाया। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस पर विचार करने तथा यह देखने का अनुरोध किया कि आगे क्या सर्वश्रेष्ठ रास्ता हो सकता है। प्रवक्ता के मुताबिक जवाब में मोदी ने कहा कि बच्चों के लिए यथासंभव ज्यादा से ज्यादा भाषाएं सीखना महत्त्वपूर्ण होगा। उन्होंने मर्केल को भरोसा दिलाया कि भारत सरकार उनकी चिंताओं पर ध्यान देगी। अकबरूदीन ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उन्हें (मर्केल को) भरोसा दिलाया कि वह खुद बच्चों के अन्य भाषाएं सीखने के समर्थक रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस पर भारतीय प्रणाली के दायरे में किस तरह सर्वश्रेष्ठ काम हो सकता है, इस पर विचार किया जाएगा। मर्केल ने मोदी से यह भी कहा कि जर्मनी उनकी यात्रा के प्रति आशान्वित हैं।

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