October 21, 2017

नए उद्योगों को 24 घंटे बिजली

15d5-4-300x261रामपुर बुशहर —  प्रदेश सरकार हिमाचल में लगने वाले उद्योगों को 24 घंटे बिजली मुहैया करवाएगी। इसके लिए अब प्रदेश में उत्पादित होने वाली बिजली को बाहरी राज्यों की बजाय यहीं पर ही खपाया जाएगा, ताकि प्रदेश के भीतर कम समय में नए-नए उद्योग स्थापित हो सकें। यह बात मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अंतरराष्ट्रीय लवी मेले के समापन अवसर पर कही। मेले के समापन से पहले मुख्यमंत्री ने 10 मेगावाट की गानवी चरण दो का भी उद्घाटन किया, जिसके बाद उन्होंने ज्यूरी में 22 केवी कंट्रोल विद्युत उपकेंद्र का शिलान्यास किया। इस कंट्रोल सब-स्टेशन के निर्माण पर लगभग एक करोड़ 27 लाख रुपए की लागत आने का अनुमान है। यहां से वह झाकड़ी पहुंचे, जहां उन्होंने 10 करोड़ के सीवरेज प्लांट का शिलान्यास किया। साथ ही 37 लाख के स्कूल भवन का भी उद्घाटन किया, जिसके बाद वह रामपुर लवी मैदान पहुंचे। यहां पहुंचने से पहले खनेरी के समीप पीटीए अध्यापक संघ की रामपुर इकाई ने मुख्यमंत्री का जोरदार स्वगत किया। इसके बाद मेला मैदान पहुंचने पर भी ढोल-नगाड़ों की थाप पर मुख्यमंत्री का स्वागत हुआ। समापन अवसर पर मेला कमेटी की तरफ से मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का टोपी, शॉल व स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया गया। मेले के समापन पर मेला कमेटी अध्यक्ष डीसी शिमला ने सभी का यहां पधारने पर स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सबसे पहले पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को याद किया, जिसके बाद उन्होंने कहा कि हिमाचल बिजली उत्पादित करने वाला मुख्य राज्य है। यहां से पैदा होने वाली बिजली कई राज्यों को उजाला देती है, लेकिन अब यहां की बिजली बाहरी राज्यों को नहीं दी जाएगी, बल्कि यहां पर जो भी उद्योग लगाएगा उसे 24 घंटे बिजली की सुविधा देने का वादा पहले ही कर दिया जाएगा। ऐसे में प्रदेश के भीतर उद्योगपति उद्योग लगाने के लिए प्रोत्साहित होंगे। उन्होंने पीटीए शिक्षकों के लिए कहा कि उन्हें शिक्षकों का पूरा ध्यान है व उनके लिए सार्थक नीति बनाई जाएगी। वहीं उन्होंने लवी मेले के पारंपरिक ढांचे को बरकरार रखने की बात कही। इस मौके पर ऊर्जा मंत्री सुजान सिंह पठानिया, सीपीएस नंदलाल, कांग्रेस कमेटी के जिला शिमला ग्रामीण के अध्यक्ष केहर सिंह खाची, अध्यक्ष सतीश वर्मा, केडीएफ के अध्यक्ष बृजलाल, पंचायत समिति उपाध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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