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धर्मशाला में फूलों से होगा सैलानियों का स्वागत

धर्मशाला  — धर्मशाला शहर में अब सैलानियों का स्वागत फूलों से होगा। इसके लिए वाकायदा पूरी प्लानिंग हो गई है। सैलानियों के स्वागत का जिम्मा इस बार पर्यटन विभाग ने नहीं बल्कि वन विभाग से लिया है। इसके लिए धर्मशाला शहर से शुरुआत भी कर दी गई है। पहली दफा जंगलों के झंझट से निकलकर शहरों की ओर वन विभाग ने कदम बढ़ा दिए हैं। धर्मशाला के एंट्री प्वाइंट सकोह से वन विभाग ने फूलों वाले पौधे लगाकर अभियान का आगाज कर दिया है। फूलों वाले पौधे मकलोडगंज शहर तक लगाए जाएंगे। यहां दीगर रहेगा कि वन विभाग दो बड़े शहरों में फूलों की महक बिखेरेगा। प्रदेश सरकार ने राजधानी शिमला और  शीतकालीन राजधानी धर्मशाला के सौंदर्यीकरण का जिम्मा वन विभाग को सौंपा है। विभाग दोनों प्रमुख शहरों में सड़कों के किनारे फूलों वाले पौधे लगाएगा। दोनों शहरों में  करीब 10-10 हजार पौधे लगाए जाएंगे। इसके लिए ईको टास्क फोर्स के जवान महकमे की मदद करेंगे। शहरों को संवारने में कई संस्थाओं के फेल रहने के बाद ही सरकार ने वन विभाग को अब जिम्मेदारी सौंपी हुई है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत विभाग ने शिमला व धर्मशाला शहरों को  चुना है। इसमें सड़कों के किनारे सजावटी एवं फूलदार पौधे लगाकर यहां पहुंचने वाले सैलानियों का स्वागत किया जाएगा। सरकार की योजना इस प्लान को पूरे प्रदेश में लागू करने की है। देवभूमि के दोनों पर्यटक स्थलों को सैलानियों के आकर्षण के लिए सुंदर बनाने को लगभग 10-10 हजार पौधे लगाने की योजना है।पौधों को बचाने के लिए बाकायदा ट्रीगार्ड और  कंकरीट से बनी सपोर्ट भी लगाई जाएंगी। प्रदेश भर के शहरों को देखें तो अधिकतर स्थानों पर नगर परिषद द्वारा रखे गए कूड़ादान ही सैलानियों का स्वागत करते हैं। शहरों को संवारने के लिए प्रभावी योजना न बनने के कारण प्राकृतिक सौंदर्य के अलावा अभी तक कुछ नहीं दिखता है। इस बार सरकार की कोशिश हर सैलानी के मन में हिमाचल की अलग ही छाप छोड़ने की है।

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