October 19, 2017

तालिबान ने कहा, मलाला को जिंदा नहीं छोड़ेंगे

पाकिस्तान के कबायली इलाकों में सक्रिय तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान ने मलाला यूसूफजई पर हमले करने का फैसला लिया है। इस साल नोबेल के शांति पुरस्कार के दौड़ में शामिल पाकिस्तानी बच्ची मलाला पर तहरीक ए तालिबान ने मौका मिलने पर जान से मारने की योजना बनाई है।
पाकिस्तान की 16 साल की मलाला यूसूफजई विश्वभर में शिक्षा का अलख जगाने में लगी है। बीबीसी उर्दू सेवा के लिए अपनी डायरी गुल मकई के जरिए मलाला ने स्वात घाटी में तालिबान के अत्याचारों को दुनिया के सामने रखा था। टीटीपी के प्रवक्ता शाहिदुल्ला शाहिद ने कहा कि वह मलाला की जान नहीं बख्शेंगे। प्रवक्ता ने कहा कि मलाला बहादुर लड़की नहीं है। उसमें साहस नहीं है, हमें जब भी मौका मिलेगा हम उसे मार देंगे।
पाकिस्तान की बहादुर लड़की मलाला पर तालिबान ने पिछले साल नौ अक्टूबर को जानलेवा हमला किया था। जबकि मलाला ने तालिबान के इन धमकियों की परवाह किए बगैर पाकिस्तान वापस लौटने और यहां काम करने की इच्छा जताई है।

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