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’डाॅ. वाईएस परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय में 7वां दीक्षान्त समारोह आयोजित

698 विद्यार्थियों की बांटी गई डिग्रियां: विद्या स्टोक्स’

सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य, बागवानी तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री विद्या स्टोक्स ने
कहा कि प्रदेश में समग्र बागवानी विकास के लिए विश्व बैंक द्वारा वित्तपोषित एक
हजार करोड़ रुपये की परियोजना कार्यान्वित की जाएगी। इस परियोजना के तहत्
उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ आधुनिक नर्सियां स्थापित की जाएंगी। स्टोक्स आज
डाॅ. यशवन्त सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी, सोलन के 7वें
दीक्षान्त समारोह को सम्बोधित कर रहीं थीं।
बागवानी मंत्री ने कहा कि इस परियोजना से जहां प्रदेश में फलों की पैदावार को
आशानुकूल बढ़ाने में सहायता मिलेगी वहीं सेब की पैदावार को प्रति हैक्टेयर
बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में सेब का
उत्पादन 6 से 7 मीट्रिक टन प्रति हैक्टेयर है जबकि विश्व के विकसित देशों में यह
40 से 50 मीट्रिक टन प्रति हैक्टेयर है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सेब तथा अन्य फलों एवं अनाज इत्यादि की पोस्ट
हार्वेस्ट प्रक्रियाओं का मशीनीकरण करने की दिशा में प्रयासरत है। इस उद्देश्य
की प्राप्ति के लिए एचपीएमसी ने शिमला तथा कुल्लू जि़लोें में चार स्थानों पर
स्वचालित पैकिंग एवं ग्रेडिंग मशीनें स्थापित की है जबकि किन्नौर जि़ले में एक
मशीन स्थापित करने का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि चरणबद्ध तरीके से
प्रदेश के अन्य जि़लों में भी स्वचालित मशीनें स्थापित की जाएंगी।

विद्या स्टोक्स ने अपनी पढ़ाई पूरी कर विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत एवं उच्च अध्ययन
के लिए अन्य संस्थानों में पढ़ाई कर रहे छात्रों का आह्वान किया कि वे
बागवानी को उद्योग के रूप में विकसित करने के लिए कार्य करें ताकि आर्थिक
विकास, पोषाहार सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के उद्देशों को सहेजता से
प्राप्त किया जा सके। उन्होंने विश्विद्यालय के अध्यापकों से आग्रह किया कि वे सेब
तथा अन्य फलों एवं औषधीय पौधों की उच्च किस्में विकसित करने पर ध्यान दें
ताकि प्रदेश की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के साथ-साथ पुराने पौधों के
स्थान पर रूट स्टाक लगाया जा सके।
उन्होंने कहा कि फल एवं अन्न उत्पादन के लिए बागीचों एवं खेतों में मिट्टी का
स्वस्थ होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में युवा बागवानी वैज्ञानिक
बेहतर कार्य कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल की जलवायुगत परिस्थितियां
विविध फलोत्पादन के लिए अनुकूल है और छात्रों को यहां शोध पर विशेष
ध्यान देना चाहिए।
कृषि वैज्ञानिक भर्ती बोर्ड नई दिल्ली के अध्यक्ष डाॅ. गुरबचन सिंह जोकि इस अवसर
पर मुख्य अथिति के रूप में उपस्थित थे ने कहा कि कृषि क्षेत्र हमारे देश में
सबसे अधिक व्यक्तियों को रोजगार प्रदान करता है तथा देश के लगभग 51
प्रतिशत व्यक्ति कृषि तथा सम्बद्ध क्षेत्रों में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि
बागवानी का देश की आर्थिकी में महत्वपूर्ण योगदान है और भविष्य में उच्च
तकनीक के साथ इसके योगदान में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता इस
बात की है कि बाजार की मांग, गुणवत्ता और तकनीक के अनुरूप श्रम शक्ति को
प्रशिक्षित किया ताकि कृषि क्षेत्र लाभदायक बन सके। उन्होंने जैविक खेती अपनाने
की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि देश की कृषि अनुसंधान प्रणाली में
वर्तमान में लगभग 27,500 वैज्ञानिक कार्यरत हैं। इस संख्या में बढौतरी की
आवश्यकता है। उन्होंने दीक्षान्त समारोह में डिग्री प्राप्त कर रहे छात्रों से
आग्रह किया कि वे कृषि एवं बागवानी के क्षेत्र में अर्जित शिक्षा को किसान तक
पहुंचाएं।
विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. विजय सिंह ठाकुर ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए
विश्वविद्यालय की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि आज
के दीक्षान्त समारोह में 698 छात्रों को डिग्र्रियां प्रदान की गईं। इनमें 423
छात्रों को बीएससी बागवानी और 275 छात्रों को बीएससी वानिकी की डिग्री दी
गई। 18 छात्रों को स्वर्ण पदक जबकि 124 छात्रों को सम्मान प्रमाणपत्र प्रदान किया
गया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में इस विश्वविद्यालय के 64 छात्रों ने राष्ट्रीय
पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण की। गत पांच वर्षों में विश्वविद्यालय के 34 छात्र भारतीय
वन सेवा जबकि 55 छात्र सहायक अरण्यपाल एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी के लिए चयनित हुए।
विश्वविद्यालय की पंजीयक रूपाली ठाकुर ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
जि़ला कांग्रेस अध्यक्ष राहुल ठाकुर, खण्ड कांग्रेस अध्यक्ष बलदेव ठाकुर, बघाट बैंक
के अध्यक्ष अरूण शर्मा, पथ परिवहन निगम के निदेशक मण्डल के सदस्य अजय चैहान,
जि़ला कांग्रेस प्रवक्ता जगमोहन मल्होत्रा, उपमण्डलाधिकारी टशी सन्डूप, अतिरिक्त
पुलिस अधीक्षक भगत सिंह ठाकुर, विश्वविद्यालय प्रबन्धन बोर्ड, सीनेट, अकादमिक,
अनुसंधान एवं प्रसार परिषद् के सदस्य, फेकल्टी सदस्य तथा अन्य गणमान्य लोग इस
अवसर पर उपस्थित थे।
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