October 24, 2017

डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा 27 जुलाई से 8 अगस्त तकः मोख्टा

धर्मशाला, 20 जुलाई: विश्वभर के बच्चों में डायरिया अथवा दस्त रोग से मृत्यु
दर के आंकडों पर लोग अपनी सचेतना एवं स्वच्छता से नियंत्रण कर सकते हैं। यह
उद्गार अतिरिक्त उपायुक्त सुदेश मोख्टा ने आज जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक
में संबंधित विभागों के अधिकारियों को संबोधित करते हुए प्रकट किए। उन्होंने
जिला वासियांे से जल जनित रोगों के प्रति सचेत रहने का आग्रह करते हुये कहा कि
साफ-सफाई पर खास ध्यान रखें ताकि बरसात के मौसम मंे किसी भी प्रकार की बीमारी
से जूझना न पडे़। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि पेयजल के प्रदुषित होने से
आन्त्रशोध व डायरिया इत्यादि बीमारियों के फैलने की सम्भावना प्रबल हो जाती
है। जो बच्चों को अधिक प्रभावित करती है। इससे बचाव के लिए आवश्यक है कि
आस-पास के वातावरण को स्वच्छ रखा जाये।
     उन्होंने बताया कि जिला में 27 जुलाई से 8 अगस्त, 2015 तक डायरिया
नियंत्रण पखवाड़ा आयोजित किया जाएगा। इस विशेष अभियान के तहत जिला के विभिन्न
क्षेत्रों में आशा-वर्कर व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ओआरएस घोल को वितरित करेगी।
क्षेत्र में किसी भी स्तर पर डायरिया रोग से ग्रस्त बच्चों को उचित निदान के
लिए स्वास्थ्य केन्द्रों में प्रवेश हेतु प्रेरित करेगी तथा शारीरिक रूप से
कमजोर बच्चों की पहचान करेगी। मोख्टा ने कहा कि स्कूली स्तर पर अध्यापकों
द्वारा बच्चों को शारीरिक सफाई के लिए जागरूक किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि डायरिया जैसी बीमारी की रोकथाम के लिए संबंधित विभागों के
अधिकारी तत्पर हैं। सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी पेयजल योजनाओं
तथा जल स्त्रोतों की सफाई व क्लोरीनिकरण एवं ब्लीचिंग पाऊडर डालने की
प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है ताकि मानसून मौसम के चलते प्रदुषित जल की
सम्भावनाओं को कम करके जल जनित रोगों पर नियंत्रण रखा जा सके।
    उन्होंने कहा कि आन्त्रशोध, डायरिया या संबंधित बीमारियों के लक्षणों के
आभास होते ही रोगी को समीप के स्वास्थ्य संस्थान में स्वास्थ्य निरीक्षण अथवा
उपचार के लिए ले जाना चाहिये। डायरिया, आन्त्रशोध इत्यादि जल-जनित बीमारियों
के उपचार के लिए जिला के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में जीवन रक्षक औषधियां
उपलब्ध करवाई जा रही है, ताकि इन रोगों के फैलने की सम्भावनाओं पर नियंत्रण
रखा जा सके।
           बैठक में एमओएच डॉ. राजेश गुलेरी, जिला टीकाकरण अधिकारी, डॉ.
चित्रा कौशल, डॉ. राजेश कुमार सूद, डॉ. पल्लवी, डॉ. गुरमीत कटोच सहित जिला
कांगड़ा के बीएमओ तथा समस्त विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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