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टनल खाली करके जांच करे एनएचपीसी: कर्ण- विधायक ने सभी उच्च अधिकारियों के साथ किया सपांगणी का दौरा- पानी के रिसाव की जांच के लिए जल्द आएगी जीएसआई की टीम- पार्वती परियोजना-तृतीय के 18 प्रभावितों को स्थायी नौकरी की मंजूरी

12 जुलाई कुल्लू :बंजार के विधायक कर्ण सिंह ने पार्वती जलविद्युत परियोजना के तृतीय चरण का कार्य कर रही एनएचपीसी को निर्देश दिए हैं कि वह परियोजना की टनल को तुरंत खाली करके सैंज घाटी में जगह-जगह हो रहे पानी के रिसाब के कारणों की जांच करे और इस समस्या का तुरंत समाधान करे। शुक्रवार को सैंज घाटी के गांव सपांगणी के निकट पार्वती परियोजना-तृतीय की टनल के आस-पास हो रही पानी के भारी रिसाब का जायजा लेने के बाद विधायक ने एनएचपीसी के अधिकारियों को ये निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि संपागनी व सैंज घाटी के अन्य गांवों की सुरक्षा और इन गांवों के बाशिंदों के हित सर्वोपरि हंै। इनके हितों की रक्षा के लिए एनएचपीसी को हरसंभव कदम उठाने होंगे। कर्ण सिंह ने बताया कि सैंज घाटी में पानी के रिसाब की जांच के लिए जियोलोजिकल सर्वे आॅफ इंडिया की एक उच्च स्तरीय टीम भी शीघ्र ही यहां का दौरा करेगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने भी पानी के रिसाब की घटना को गंभीरता से लिया है।
विधायक ने बताया कि एनएचपीसी के बोर्ड ने पार्वती परियोजना-तृतीय से प्रभावित 18 लोगों को नौकरी के लिए मंजूरी दे दी है। शीघ्र ही इन्हें नियुक्ति पत्र जारी कर दिए जाएंगे। 12 अन्य लोगों को भी रोजगार दिया जाएगा। संपागणी के दौरे के बाद विधायक ने बिहाली स्थित पार्वती परियोजना-तृतीय के मुख्यालय मेें अधिकारियों के साथ बैठक भी की और प्रभावित परिवारों की समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने लारजी विश्राम गृह में भी लोगों की समस्याओं सुनीं और उनके निवारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
इस मौके पर एडीएम केके सरोच, एसडीएम अश्वनी कुमार, आरटीओ वीरेंद्र शर्मा, एनएचपीसी के जीएम एके त्रिखा, विभिन्न विभागों के अधिकारी, ब्लाॅक कांग्रेस अध्यक्ष जयबिहारी लाल, कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी, पंचायतीराज संस्थाओं के जनप्रतिनिधि और अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।
पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा लारजी
विधायक कर्ण सिंह ने कहा है कि लारजी को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। शुक्रवार को लारजी में लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह परिसर का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने कहा कि यहां विश्राम गृह के आस-पास के क्षेत्र का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। यहां बोटिंग व वाटर स्पोट्र्स की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी। कर्ण सिंह ने कहा कि तीर्थन व सैंज नदियों का संगम स्थल होने के कारण लारजी का धार्मिक महत्व भी है। अतः इसे धार्मिक दृष्टि से भी विकसित किया जाएगा। इससे यहां पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी। उन्होंने इस बारे में अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी दिए।

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