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जैविक खेती को अपनाएं किसान: बुटेल

nmधर्मशाला, 22 सितम्बरः किसानों से जैविक खेती को अपनाने का आग्रह करते हुए
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल ने कहा है कि किसान
तभी सशक्त हो सकता है जब वह अशिक्षा, अंधविश्वास एवं कुरीतियों के जाल से बाहर
निकले। हमें भारतीय कृषि परम्परा और पाश्चात्य कृषि पद्धतियों के समन्वय से
बेहतर परिणाम निकालने के प्रयास करने चाहिए। प्रजापति ब्रह्म कुमारी ईश्वरीय
विश्वविद्यालय के ग्राम विकास प्रभाग की ओर से इस दिशा में किया गया यह प्रयास
एक सराहनीय कदम हैं।
    उन्होंने यह उद्गार प्रजापति ब्रह्म कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के
तत्वावधान में कृषि विभाग तथा कृषि प्रौद्योगिकी प्रबन्ध अभिकरण (आतमा) के
सहयोग से पालमपुर के विला केमिलया में राज्य स्तरीय किसान स्यक्तिकरण अभियान
के समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए व्यक्त किए। यह अभियान 10 अगस्त को
शिमला से आरम्भ किया गया था।
     बुटेल ने कहा कि प्रदेश का किसान अपनी फसल को बीजने से लेकर उसके तैयार
हो जाने तक कीे हर विधि को दैवीय कृपा मानता है। उन्होंने कहा कि
विश्वविद्यालय द्वारा यह प्रयास किया गया कि किसान को रासायनिक खादों एवं
कीटनाशकों के दुष्प्रभावों बारे बताया जाए तथा इनके स्थान पर जैविक विधि से
शुद्ध सात्विक अन्न एवं सब्जियों आदि का उत्पादन किया जाए। प्रदेश सरकार भी
जैविक खेती को बढ़ावा दे रही है तथा किसानों को इस विधि से खेती करने तथा इसके
लाभों बारे बताने के लिए समय-समय पर कैंपों इत्यादि का आयोजन किया जा रहा है।
     उन्होंने कहा कि आतमा प्रोजेक्ट के अंतर्गत किसानों को कैंचुआं खाद तैयार
करने के लिए उपदान पर ढांचे उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त जैविक
खेती के प्रमाणीकरण के लिए भी लोगों को सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है।
     इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मदन दीक्षित, नगर परिषद् अध्यक्ष
बलवंत ठाकुर, आतमा प्रोजेक्ट के निदेशक डॉ रिपन सूद, कृषि उपनिदेशक देश राज
शर्मा और अन्य सरकारी तथा गैर सरकारी सदस्य, ईश्वरीय विश्वविद्यालय के ग्राम
प्रभाग के राष्ट्रीय संयोजक राजू भाई, स्थानीय प्रजापति ब्रह्म कुमारी केन्द्र
प्रेम बहन, पंजाब क्षेत्र के विजय, कुल्लू से किरण, गुजरात से शीतल, अनु,
सुलक्षणा एवं स्थानीय कृषक उपस्थित थे।

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