October 19, 2017

जुबां पे लागा रे नमक संगीत का

hmr18-5-Anita-Denmark....File-Photo-290x300सुजानपुर—सुजानपुर के ऐतिहासिक चौगान में आयोजित होने जा रहे सर्वकल्याणकारी संस्था के वार्षिक समारोह में एक ऐसी शख्सियत भी आकर्षण का प्रमुख होंगी जो दुनिया की 18 भाषाओं में पूरे अधिकार व मिठास के साथ गायन करके विश्व कोयल कहलाने का खिताब पा चुकी हैं। यह खास मेहमान होंगी डेनमार्क की मूल निवासी अनिता लियाके, जिन्हें पंजाबी गीतों और भजनों से इतना लगाव है कि  उनकी दो एलबमें भी गीत-संगीत प्रेमियों के बीच अपनी एक अलग जगह बना चुकी हैं। डेनमार्क की इस गायिका के गीतों की स्वरलहरियों से सुजानपुर का ऐतिहासिक चौगान जब 23 नवंबर को गुलजार होगा तो हजारों ग्रामीणों के लिए वे पल अविस्मरणीय बन जाएंगे। संस्था के चेयरमैन राजेंद्र राणा ने भी इस बात की पुष्टि की है कि उनके विशेष आग्रह पर डेनमार्क की गायिका अनिता लियाके भी सुजानपुर में संस्था के समारोह की शोभा बढ़ाएंगी। अनिता लियाके वर्ष 2005 में जब पहली बार हिमाचल प्रदेश प्रदेश आई थीं तो  मणिकर्ण घाटी में कई दिन रही थीं।  यहां की संस्कृति और परंपराओं ने उसे बहुत प्रभावित किया। इस बात का जिक्र वह हमेशा अपने संस्मरणों में करती हैं।  बाद में वह पंजाबी संस्कृति व गीत संगीत से जुड़ीं और इस तरह पंजाब की संस्कृति को उसने आत्मसात किया कि वह इसी संस्कृति की दूत बन गई और वह पंजाब की आवाज बनकर देश-विदेश में सभी को मंत्रमुग्ध कर रही है। डेनमार्क की इस गायिका को पंजाब सरकार भी सम्मानित कर चुकी है। हाल ही में अनिता लियाके ने अपने ब्याय फ्रैंड सोरेन के साथ पंजाबिन दुल्हन के लिबास में ही सात फेरे लिए हैं।  पंजाब की संस्कृति व संगीत के पटल पर अनिता की यह यात्रा निरंतर जारी है और इसी कड़ी में हाल ही में उसने पंजाबी गीतों की दूसरी ऐलबम- ‘सदके पंजाब तों’ रिलीज की है। महत्त्वपूर्ण यह है कि यह ऐलबम अनिता की शादी के  रिसेप्शन के शुभ अवसर पर रिलीज हुई। अनिता लियाके विश्व के विभिन्न देशों में पंजाबी गीतों, हिंदी भजन व गीत तथा धार्मिक शब्द गायन करके भारतीय व पंजाबी संस्कृति का परचम लहरा रही है और विदेशों में बसे भारतीयों की नई पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा स्रोत बनकर उभरी है।

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