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जलवायु परिवर्तन पर अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला में प्रदेश के 2 पत्रकार विशेष रूप से आमंत्रित

गलोबल वार्मिंग के चलते विश्व में हो रहे जलवायु परिवर्तन के कारण प्रकृति का संतुलन बिगडऩे लगा है। जलवायु परिवर्तन का सबसे दूरगामी प्रभाव उस क्षेत्र में रहने वाली प्रजातियों पर पड़ता है। तापमान के कुछ डिग्री सेटिग्रेंट ऊपर-नीचे होने भर से कई प्रजातियों के विलुप्तीकरण का खतरा पैदा हो जाता है। गलोबल वार्मिंग का सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव पड़ता है क्षेत्र के स्थानीय परिस्थिीक तंत्र पर जो बहुत ही नाजुक होते हैं। इसी विषय को लेकर 6 व 7 नवंबर को सेंटर फॉर साइंस एंड इन्वायरमेंट के तत्वावधान में दिल्ली में आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला में जलवायु परिवर्तन पर मीडिया वर्कशॉप के लिए हिमाचल प्रदेश के 2 पत्रकारों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। इंडियन एक्सप्रैस समूह के शिमला में कार्यरत पत्रकार अश्वनी शर्मा व दैनिक भास्कर समाचार पत्र समूह के धर्मशाला में कार्यरत पत्रकार प्रेम सूद को इस मीडिया वर्कशॉप में हिस्सा लेने के लिए चयनित किया गया है। प्रस्तावित कार्यक्रम में 6 नवंबर को जलवायु परिवर्तन पर प्रथम सत्र में पेरू व पैरिस पर चर्चा की जाएगी। दो दिवसीय कार्यशाला में विज्ञान, राजनीति और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों जैसी समकालीन मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य वैश्विक युग में मीडिया को आम लोगों व विशेषज्ञों को एक मंच पर लाना है। इस कार्यशाला में दक्षिण एशियाई पत्रकारों को आमंत्रित किया गया है, जिसमें विशेष रूप से इस वर्ष एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका सहित अन्य देशों के पत्रकारों को भी आमंत्रित किया गया है। प्रोग्राम ऑफिसर सिब्बा मदान ने बताया कि इस वर्ष आयोजित की जा रही वर्कशॉप के लिए हिमाचल को विशेष रूप से सम्मिलित किया गया है।

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