October 23, 2017

जनजातीय वर्ग के लिए आयोग द्वारा प्रदान की जा रही हैं अनेक सुविधाएं- रवि ठाकुर

धर्मशाला,  जनजातीय वर्ग से संबंधित लोगों के कल्याण के लिए
अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं, इन योजनाओं का लाभ इस वर्ग को सुनिश्चित
करवाना संबंधित विभागों का दायित्व है। यह जानकारी राष्ट्रीय जनजातीय
आयोग के उपाध्यक्ष एवं विधायक लाहौल-स्पिति, रवि ठाकुर ने आज यहां प्रेस
वार्ता को संबोधित करते हुए दी। उन्होंने कहा कि इस वर्ग के लोगों के लिए
चलाई जा रही हैं जिनके कार्यान्वयन के संबंध में गत सितम्बर माह में बैठक
का आयोजन किया जा चुका है तथा इस संदर्भ में आज जिला प्रशासन को पूर्व
में लिए गए निर्णयों की समीक्षा के संदर्भ में बैठक करने के निर्देश दिए
गए थे।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा आयोजित की गई इस बैठक में इस वर्ग
से संबंधित लोगों के बच्चों को 100 प्रतिशत शिक्षा सुनिश्चित करवाने एवं
शिक्षा ग्रहण कर रहे बच्चों के लिए प्रदान की जा रही विभिन्न सुविधाओं
एवं छात्रवृतियों बारे विस्तारपूर्वक चर्चा की गई तथा इस वर्ग से संबंधित
प्रत्येक विद्यार्थी को छात्रवृति प्रदान करने के निर्देश शिक्षा विभाग
को दिए गए। स्वास्थ्य विभाग को जिला में इस वर्ग से संबंधित लोगों की
बस्तियों में समुचित व्यवस्था करने के कहा गया। इन बस्तियों के लिए
पेयजल, विद्युत एवं सम्पर्क सड़कों बारे में उपाध्यक्ष ने जानकारी ली तथा
इन बस्तियों के लिए तीन विभागों को अतिरिक्त प्रबंध प्रदान करने को कहा
गया।
        बैठक के दौरान अतिरिक्त उपायुक्त कांगड़ा सुदेश मोख्टा द्वारा इस वर्ग से
संबंधित लोगों को जिला प्रशासन द्वारा प्रदान की जाने वाली सुविधाओं में
एफसीए मामलों से होने वाली देरी के संदर्भ में उपाध्यक्ष को इन मामलों के
केंद्र से शीघ्र निपटारे का सुझाव दिया गया है ताकि इन बस्तियों में
सुविधाएं प्रदान करने में कठिनाईयों का सामना न करना पड़े।
        बैठक में इस वर्ग के कल्याण के लिए प्रदान की जा रही सुविधाओं से
संबंधित विभिन्न विभागों से जिला कांगड़ा में इन सुविधाओं को और अधिक
बेहतर करने के संदर्भ में सुझाव भी मांगे गए।
        श्री रवि ठाकुर ने कहा कि जनजातीय आयोग इस वर्ग के लोगों की समस्याओं के
समाधान एवं अन्य मामलों के निपटारे के लिए समय-समय पर कोर्ट लगाकर प्रदेश
के विभिन्न जिलों में रह रहे इस वर्ग के लोगों को सुविधा प्रदान कर रहा
है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार को कांगड़ा जिला के बड़ा भंगाल व छोटा
भंगाल क्षेत्र तथा सिरमौर जिला की कुछ पंचायतों को जनजातीय क्षेत्र घोषित
करने के लिए जनजातीय आयोग केंद्र सरकार के समक्ष मामला प्रस्तुत करने के
लिए सुझाव देगा ताकि इन दुर्गम क्षेत्र के लोगों को भी आयोग द्वारा
प्रदान की जाने वाली सुविधाएं प्राप्त हो सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश
में इस वर्ग से संबंधित लोगों की कुल जनसंख्या 4.5 लाख है जिसमें वर्तमान
में जिला कांगड़ा व चम्बा में सबसे अधिक इस वर्ग के लोग रह रहे हैं।
        उन्होंने कहा कि जनजातीय लोगों को सामान्य लोगों की धारा में लाने के
लिए आयोग समय-समय पर अनेक योजनाएं केंद्र एवं संबंधित राज्य सरकारों के
माध्यम से चला रहा है। आयोग ने यह भी निर्णय लिया है कि अब आयोग को सुझाव
देने के लिए गठित की गई पंचायत स्तरीय समितियों को राजस्व गांव के आधार
पर गठित किया जाए ताकि लोगों को प्रदान की जाने वाली सुविधाओं में राजस्व
संबंधी कोई विलम्ब न हो। उन्होंने कहा कि इस स्तर पर गठित की जाने वाली
समितियों से लोगों को एनओसी व वन विभाग से संबंधित मामलों के निपटारे में
सुविधा होगी। उन्होंने यह भी बताया कि आयोग के सुझाव पर यह निर्णय लिया
गया है कि पिछली तीन पुश्तों से वनों में अपना जीवनयापन कर रहे जनजातीय
लोगों को जमीनों को आबंटन किया जाए ताकि उनके जीवन स्तर में सुधार लाया
जा सके।

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