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चिनाब बेसिन पर संचयी पर्यावरण आंकलन के अध्ययन पर हिस्सेदारों के साथ बैठक

ऊर्जा विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां कहा कि चिनाब बेसिन में वर्तमान में चल रही संचयी पर्यावरण आंकलन के अध्ययन के दौरान अक्तूबर माह के अंत में हिस्सेदारों के साथ तीन जन सुनवाईयां ऊर्जा निदेशालय के नेतृत्व में की गई, जिनकी अध्यक्षता केलंग व उदयपुर में लाहौल स्पीति में उपायुक्त श्री हंसराज चैहान तथा किलाड़ में स्थानीय आयुक्त श्री भारद्वाज ने की।
प्रवक्ता ने कहा कि बैठक में ऊर्जा निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थानीय लोगों तथा उपस्थित हिस्सेदारों को चिनाब नदी पर बनने जा रही पन विद्युत परियोजनाओं के संदर्भ में बेसिन में हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा पन विद्युत उत्पादन के संदर्भ में करवाए जा रहे संचयी पर्यावरण आंकलन के महत्व को समझाया व अब तक के अध्ययन में बारे में जानकारी दी। पीर ग्रुप के सदस्य व स्थानीय उपमण्डलाधिकारी व सम्बन्धित विभागों के अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
बैठक में ऊर्जा निदेशालय के अधिकारियों व विशेषज्ञों ने विभिन्न हिस्सेदारों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दिए तथा हिमाचल प्रदेश सरकार की जल विद्युत नीति तथा विशेष पर्यावरण व वन तथा अन्य सरकारी प्रावधानों व मापदण्डों के बारे में अवगत करवाया।
प्रवक्ता ने कहा कि केलंग में हुई हिस्सेदारों की बैठक के अलावा बाकी दोनों स्थानों पर बैठकें शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हुई तथा स्थानीय लोगों ने भागीदारी तथा पारदर्शिता के साथ पन विद्युत उत्पादन में सरकार को सहयोग देने का आश्वासन दिया। केलंग में जिस्पा परियोजना को लेकर विरोधाभास के स्वर उभरे, हालांकि वहां भी छोटी परियोजनाओं को लेकर सहमति दिखी। बैठक में लोगों ने बेसिन में हो रही पन विद्यतुत उत्पादन के क्षेत्र तथा संचयी पर्यावरण आंकलन के अध्ययन पर जानकारी ली।
प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश सरकार यह अध्ययन मैसर्ज आर.एस. इनविनोलिंक गुडगांव से करवा रही है तथा इस अध्ययन पर अंतिम रिपोर्ट मई 2015 तक उपलब्ध होगी, जो इसके बाद बेसिन में खण्ड व पंचायत स्तर पर उपलब्ध करवाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि छोटे स्तर पर दोबारा बेसिन की बैठकें आयोजित की जाएंगी और इस पर उनके सुझाव प्राप्त होने के बाद सरकार द्वारा गठित पीर ग्रुप व पर्यावरण और सामाजिक विश्ेाषज्ञों के आंकलन के बाद इस रिपोर्ट को अंतिम रूप देकर संस्तुतियों सहित प्रदेश सरकार को सौंपा जाएगा ताकि भविष्य में इस रिपोर्ट की सिफारिशों के अनुरूप बेसिन में विद्युत उत्पादन को लेकर लोगों की सहमती से आगे कार्य किया जा सके तथा लोगों के साथ लेकर योजनाएं बनाई जा सकें और उनके हितों का उचित समाधान किया जा सके.

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