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घरेलू हिंसा से निपटने के लिये प्रत्येक नागरिक साकारात्मक सोच पैदा करें: इन्द्रदत्त लखनपाल

हमीरपुर, 11 जुलाई  सामाजिक मर्यादाओं को बनाए रखने के
लिये सभी को आगे आना होगा और समाज में दिन प्रति दिन फैल रही कुरीतियों को
खत्म करने के लिये प्रत्येक नागरिक को अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हुए
साकारात्मक सामाजिक सोच पैदा करनी होगी तभी सशक्त एवं स्वच्छ समाज का निर्माण
संभव होगा। यह विचार मुख्य संसदीय सचिव (ग्रामीण विकास) इन्द्रदत्त लखनपाल ने
आज बिझड़ी में बाल विकास परियोजना विभाग द्वारा पंचायती राज संस्थाओं और
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिये आयोजित सूचना शिक्षा एवं सम्प्रेषण शिविर की
अध्यक्षता करते हुए व्यक्त किये ।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य घरेलू हिंसा का रोकना है जिसके
लिये पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने-अपने
क्षेत्र में प्रतिमाह बैठकें आयोजित कर घरेलू हिंसा से संबन्धित मामलों को
सुलझाने का प्रयास करें । उन्होंने कहा कि क्षेत्र में आए दिन घरेलू हिंसा के
मामलों में बढ़ौतरी हो रही है जोकि एक गम्भीर समस्या है। उन्होंने
लड़के-लड़कियों के  माता-पिता से आग्रह करते हुए कहा कि बच्चों के विवाह से
पूर्व दोनों पक्ष घरेलू वास्तविक्ता से अवगत करवाएं ताकि बाद में एक-दूसरे पर
आरोप-प्रत्यारोप से बचा जा सके । उन्होंने कहा कि पति-पत्नी छोटी-छोटी
समस्याओं को एक -दूसरे की परिस्थितियों के अनुसार आपसी सूझबूझ से ही सुलझाएं
ताकि तनाव उत्पन्न न हो और हिंसा जैसे प्रवृत्ति पैदा न हो। उन्होंने कहा कि
घरेलू हिंसा कानून  का उपयोग  समस्याओं के समाधान के लिये करें।
मुख्यातिथि ने बेटी है अनमोल योजना के तहत 10 लाभार्थियों को 90 हजार 200
रूपये की एफडी वितरित कीं,
जिला परिषद् सदस्य अरविन्द्र कौर डोगरा ने महिलाओं को जागरूक करते हुए कहा कि
महिलाएं अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का भी निर्वाहन पूर्ण निष्ठा
से करें। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आह्वान करते हुए कहा कि वे सही और गलत की
परिभाषा को समझें । उन्होंने कहा कि पति-पत्नी एक दूसरे के पूरक हैं, दोनों ही
एक दूसरे के भावनाओं का आदर-सम्मान करें तभी घरेलू हिंसा जैसी सामाजिक
कुरीतियां नहीं पनम  सकेंगी।
इस मौके पर संरक्षण अधिकारी प्रदीप, उर्मिल और गीता मरवाहा ने भी विभाग द्वारा
घरेलू हिंसा कानून, मैदर टैरेसा, मातृ असहाय सम्बल योजना, बेटी है अनमोल,
मुख्यमंत्री कन्या दान योजना, महिलाओं को स्वयं रोज़गार, विधवा पूर्न विवाह
योजना, किशोरी शक्ति योजना, माता शबरी महिला महिला सशक्तिकरण योजना,
बाल-बालिका सुरक्षा योजना तथा बलात्कार महिलाओं के लिये पूर्नआवास राहत
योजनाओं के अतिरिक्त महिलाओं के लिये चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं,
कार्यक्रमों की जानकारी दी ।
जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीक ण्ठ चौधरी ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए
बताया कि विभाग द्वारा महिलाओं के उत्थान के लिये अनेकों कल्याणकारी योजनाएं
क्रियान्वयन की गईं हैं। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं और आंगनबाड़ी
कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वह योजनाओं की जानकारी ग्रामीण स्तर तक
पहुंचाएं ताकि अधिक से अधिक पात्र लोक योजनाओं का लाभ अर्जित कर सकें।
सीडीपीओ, बिझड़ी नरेन्द्र कुमार ने जानकारी दी कि बाल विकास परियोजना, बिझड़ी
में गत वर्ष मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत 14, माता शबरी महिला सशक्तिकरण
योजना के तहत 75, मदर टैरसा असहाय मातृ संबल योजना के तहत 155, विधवा
पुर्न-विवाह योजना के तहत 01 , बेटी है अनमोल योजना के तहत 17 , इन्दिरा गांधी
मातृत्व सहयोग योजना के तहत 1741 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया ।
इस अवसर पर खण्ड विकास अधिकारी प्रीतपाल सिंह, योग राज कालिया, सेवा निवृत
प्रधानाचार्य डीपी अग्रिहोत्री, ख्याली राम गर्ग के अतिरिक्त गणमान्य व्यक्ति
उपस्थित थे।
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