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’गुजरात के विख्यात औद्योगिक घराने हिमाचल में निवेश के इच्छुक’

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साफ्ट ड्रिंक्स में अग्रणी कंपनी रसना प्राईवेट लिमिटेड के अध्यक्ष व प्रबन्ध
निदेशक तथा भारत खाद्य प्रसंस्करण समिति के अध्यक्ष श्री खमबाटा ने आज गुजरात
के अहमदाबाद में ‘इंवेस्टर मीट’ के दौरान मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह से हिमाचल
प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण सुविधाओं वाले मैगाफूड पार्क स्थापित करने की
इच्छा जाहिर की, जिससे प्रदेश के अनेकों युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध
होंगे।मुख्यमंत्री ने आज गुजरात के अहमदाबाद में इंवेस्टर मीट के दौरान बड़े औद्योगिक
घरानों से हिमाचल में निवेश का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सेब जूस कंस्ट्रेट के अंतरराष्ट्रीय मानकों के
अनुसार चीन से बेहतर है। उन्होंने कहा कि कि वे संयुक्त वेंचर के रूप में भी
कार्य करने के लिए तैयार है और इसके अतिरिक्त विपणन में भी उन्हें सहयोग
दिया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे टेट्रा पैक में रसना हिमाचल साॅफ्ट
ड्रिंक तैयार करेंगे और हिमाचली ब्राॅंड को राष्ट्रीय तथा अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर
प्रोत्साहित किया जाएगा।
अमूल के बाद देश की सबसे बड़े वाडीलाल आईसक्रीम मैनुफैक्चरिंग, जिसने देश में
एग्रो उत्पादों, जिनमें सब्जियां व आलू के प्रसंस्करण की तीन इकाइयां देश में
स्थापित हैं, ने हिमाचल प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण का प्रस्तावित किया है।
उन्होंने प्रदेश के निचले हिस्सों में निवेश की इच्छा जाहिर की है।
हिमाचल प्रदेश के बद्दी स्थित प्रसिद्ध टोरेंट ग्रुप, जो ब्राजील, अमेरिका तथा
अन्य देशों को दवा निर्यात करता है, ने दवा उद्योग क्षेत्र में 200 करोड़ रुपये
निवेश करने की इच्छा जाहिर की और प्रदेश सरकार से इसके लिए स्वीकृत प्रदान
करने का आग्रह किया। इस कम्पनी द्वारा प्रदेश में पहले ही 325 करोड़ रुपये का
निवेश किया गया है। टोरंेट ने प्रदेश में 500 मैगावाट तथा 1000 मैगावाट की
जल विद्युत परियोजनाएं स्थापित करने की भी इच्छा जाहिर की, जिस पर मुख्यमंत्री ने
15 दिसम्बर, 2014 तक प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा है।
अदानी विलमार ग्रुप के उपाध्यक्ष श्री रामानुजन, जिन्होंने पहले ही हिमाचल प्रदेश
में कोल्ड स्टोर स्थापित करने पर 200 करोड़ रुपये का निवेश किया है, ने इस
क्षेत्र में विस्तार तथा जिला शिमला के रामपुर में 3000 टन क्षमता के तथा कुल्लू
में 100 करोड़ रुपये की लागत से एक कोल्ड स्टोर स्थापित करने का आग्रह किया।
उन्होंने सरकार से 15000 टन सेब के भंडारण के लिए कुल्लू में लगभग 10 एकड़
भूमि प्रदान करने का भी आग्रह किया।
वार्या ग्रुप ने हिमाचल प्रदेश में जियो-थर्मल ऊर्जा उत्पादन की संभावनाओं को
तलाशने तथा जियो-थर्मल ऊर्जा के सफलतापूर्वक उत्पादन करने के लिए आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने इस पर उन्हें अधिकारियों से बात करने व प्रस्ताव सरकार को भेजने
को कहा है।
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला के टाहलीवाल से सम्बन्धित हिमाचली उद्योगपति श्री कोमल
अग्निहोत्री, जो जीएमएस शीपिंग कम्पनी से जुड़े हैं और विश्व में शिप व्यवसाय
में 60 प्रतिशत का व्यवसाय कर रहे हैं, ने हिमाचल प्रदेश में खाद्य पार्क
परियोजना पर 250 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव किया, जिनकी टाहलीवाल में
अपनी भूमि है। सरकार ने उनके कृषि आधारित परियोजना व फूड पार्क को
सैद्धान्तिक रूप से स्वीकृति प्रदान की।
कोनकोड बाॅयो टैक ने प्रदेश में जैव प्रौद्यागिकी क्षेत्र में 50 करोड़ रुपये
के निवेश की इच्छा जाहिर व्यक्त की। इसके अतिरिक्त, शाह ओलेज व हिताची हिरल
प्राईवेट लिमिटेड ने प्रदेश में निवेश की इच्छा जाहिर की, जिसके लिए मुख्यमंत्री
ने उनसे प्रस्ताव भेजने को कहा।
उद्योग मंत्री श्री मुकेश अग्निहोत्री, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री वी.सी. फारका, प्रधान
सचिव राजस्व श्री तरूण श्रीधर, प्रधान सचिव वित्त डाॅ. श्रीकांत बाल्दी, प्रधान सचिव
ऊर्जा श्री एस.के.बी.एस. नेगी, प्रधान सचिव उद्योग एवं श्रम श्री आर.डी. धीमान,
उद्योग विभाग के निदेशक श्री राजेन्द्र सिंह, औद्योगिक सलाहकार श्री राजेन्द्र
चैहान, पर्यटन विभाग के निदेशक श्री मोहन चैहान, सीआईआई के श्री सारांश
शर्मा एवं श्री विनोद धीमान भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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