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गलियों में बदल गईं मकलोडगंज की सड़कें

 मकलोडगंज —  पर्यटन नगरी में शुमार मकलोडगंज की सड़कें अब गलियां बन गई है। आलम यह है कि मार्ग के दोनों ओर  डेरा जमाए बैठे तहबाजारी हर रोज ट्रैफिक रोक यहां जाम लगने का मुख्य कारण बन रहे हैं। गौर रहे कि पहाड़ों की खूबसूरती के दम पर देशी-विदेशी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करने वाला मकलोडगंज अब पर्यटकों को  निराशा देने की तैयारी में है। शहर की सड़कों पर लगातार हो रहे अतिक्रमण में प्राकृतिक सुंदरता को लगभग तबाह कर दिया है।  वहीं लगातार बढ़ रहा यह अतिक्रमण पर्यटकों को भी खूब परेशान कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नगरी का तगमा हासिल कर चुकी मकलोडगंज की तमाम सड़कें अतिक्रमण के चलते गलियों में तबदील हो गई हैं। नगर परिषद धर्मशाला के ढुलमुल रवैये के चलते सड़क के दोनों ओर रेहड़ी एवं फड़ी वालों का कब्जा है, जिससे न केवल चालकों बल्कि आम आदमी को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं नगर परिषद धर्मशाला इन अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई करने के बजाय तहबाजारी वसूल कर अपने खजानें को बढ़ाने की फिराक में है। मौजूदा स्थिति पर नजर दौड़ाई जाए तो शहर के दलाईलामा मंदिर मार्ग पर सड़क के दोनों ओर रेहड़ी-फड़ी वालों के कब्जे ने यहां से पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहने वाले पौंग डैम व्यू को जहां पूरी तरह से तबाह कर दिया है, वहीं सबसे ज्यादा व्यस्त रहने वाले इस मार्ग को एक गली के रूप में तबदील कर दिया है। अत्याधिक संकरा हो जाने के चलते इस मार्ग पर पैदल चलना पर्यटकों के  लिए जान हथेली पर रखने जैसा हो गया है। इसके अलावा जोगीबाड़ा मार्ग एवं भागसूनाग मार्ग पर लगातार बढ़ता अतिक्रमण जहां ट्रैफिक में बाधा उपन्न  कर रहा है, वहीं दुर्घटनाआें को भी न्योता दे रहा है। अतिक्रमणकारियों में सबसे ज्यादा तिब्बती एवं नेपाली हैं। इनके अलावा अतिक्रमण के बलबूते पर कई प्रवासी भी अब मकलोडगंज में डेरा जमा चुके हैं। स्थानीय व्यवसायी वर्ग की माने तो कई बार जिला प्रशासन एवं नगर परिषद धर्मशाला से रेहड़ी-फडि़यों से मकलोडगंज को निजात दिलाने की मांग की है, लेकिन कोई भी ठोस कदम इस बाबत नहीं उठाया गया है।

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