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कृषि विविधिकरण पर होंगे 321 करोड़ व्यय : सुधीर


धर्मशाला, 02जुलाई: प्रदेश में कृषि विविधिकरण को बढ़ावा देने के लिए 321
करोड़ रूपये की फसल विविधिकरण प्रोत्साहन परियोजना जायका के सहयोग से चलाई
जा रही है। यह जानकारी शहरी विकास एवं नगर नियोजन मंत्री सुधीर शर्मा ने
आज धर्मशाला के समीप दाड़ी में परियोजना के अन्तर्गत आयोजित किये गये
किसान मेले की अध्यक्षता करते हुये दी।
        श्री शर्मा ने बताया कि इस परियोजना के अन्तर्गत किसानों को सब्जी
उत्पादन, सिंचाई सुविधाएं, खेतों तक सड़क मार्गों का निर्माण, किसानों को
जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित एवं प्रशिक्षण व किसानों के समूह गठित कर
सब्जी उत्पादन व विपणन हेतू तकनीकी जानकारी प्रदान की जा रही है। इस
परियोजना को प्रदेश के पांच जिलों में बिलासपुर, हमीरपुर, मंडी, कांगड़ा
तथा ऊना जिला में        लागू किया गया है। गत वित्तीय वर्ष में इस परियोजना के
अन्तर्गत 45 करोड़ 42 लाख रूपये व्यय किये गये । उन्होंने कहा कि परियोजना
के अन्तर्गत अनेक कूहलों का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें ग्राम पंचायत
दाड़ी में कूहल का निर्माण 32 लाख रूपये से तथा सुक्कड़ में कूहल का
निर्माण 15 लाख रूपये से किया गया है। इसके अतिरिक्त मनेड व बगली में
कूहल के निर्माण के लिए 35 लाख व 24 लाख रूपये की राशि स्वीकृत की गई है।
इसके अतिरिक्त धर्मशाला विधान सभा क्षेत्र के लिये 10 अतिरिक्त कूहलों का
निर्माण किया जायेगा।
        उन्होंने कहा कि ”मुख्यमंत्री आदर्श कृषि गांव योजना“ के अन्तर्गत
प्रत्येक विधान सभा क्षेत्र की एक पंचायत का चयन कर कृषि विकास योजना
तैयार की गई है। इन पंचायतों में कृषि सम्बंधी अधोसंरचना के लिए 10 लाख
रूपये व्यय किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में सहकारी
स्तर पर कार्य करने के लिए सहकारी कृषि को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिला के
नूरपुर क्षेत्र में 16 समूह गठित कर 290 किसानों को इसके अन्तर्गत जोड़ा
गया है। उन्होंने कहा कि किसानों की उपज के लिए ब्लाॅक स्तर पर मंडियों
का आयोजन करने के प्रयास किये जा रहे हैं ताकि किसानों को अपनी उपज का
उचित दाम प्राप्त हो सके।
    शहरी विकास मंत्री ने बताया कि वर्तमान में लोगों में जैविक फसलों के
उपयोग का रूझान बढ़ा है जिसे मद्देनजर रखते हुये प्रदेश में जैविक खेती को
बढ़ावा देने के लिए 26,741 किसानों को जैविक खेती के लिए पंजीकृत किया गया
है। 15548 हैक्टेयर क्षेत्र को जैविक खेती के अन्तर्गत लाया गया है। गत
वर्ष प्रदेश में पांच लाख वर्मी कम्पोस्ट यूनिट स्थापित किये गये है।
प्रदेश में सात वषों के लिए चलाई जा रही इस परियोजना के लिए 321 करोड़
रूपये का प्रावधान रखा गया है। प्रदेश में पोलीहाॅउस के निर्माण के लिए
डाॅ वाईएस परमार किसान स्वरोजगार योजना के अन्तर्गत 85 प्रतिशत उपदान
प्रदान किया जा रहा है। इस वर्ष इस परियोजना के अन्तर्गत तीन करोड़ रूपये
व्यय किये जायेंगे।
        श्री शर्मा ने बताया कि इस क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए भू-सुधार
कार्यालय धर्मशाला में खोला गया है। उन्होंने कहा कि इस कार्यालय के भवन
निर्माण के लिए 53 लाख रूपये की राशि का प्रावधान किया गया है। भवन का
निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि इस भवन के बन जाने पर
क्षेत्र के लोगों को मृदा परीक्षण की सुविधा प्राप्त होगी। एकिकृत फसल
विविधता कार्यक्रम के अन्र्तगत 4 हजार हैक्टेयर अतिरिक्त भूमि पर सब्जी
उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। लोगों को सब्जी जैसी अन्य नकदी फसलों के
उत्पादन के लिये प्रेरित किया जा रहा है।
        इस अवसर पर कृषि विभाग के अतिरिक्त निदेशक डाॅ सरोहा, उपनिदेशक डाॅ देस
राज व आत्मा परियोजना के निदेशक डाॅ सूद ने किसानों को कृषि सम्बंधी
तकनीकों के बारे विस्तृत जानकारी दी। इस शिविर में विभिन्न छः खंडों के
किसानों ने भाग लिया। किसानों द्वारा उत्पादित किये गये अनाज एवं
सब्जियों की प्रर्दशनियां भी लगाई गई जिनके लिये किसानों को पुरस्कृत भी
किया गया। कृषि विभाग एवं केवीके व विभिन्न निजी कम्पनी द्वारा कृषि
उपकरणों एवं बीजों व  दवाईयों  इत्यादि को प्रर्दशित किया गया ।
        इस अवसर पर एसडीएम धर्मशाला बलवीर ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के
अधिकारी एवं काॅग्रेस पार्टी के पदााधिकारी व अन्य गणमान्य लोग उपस्थित
थे।
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