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कृषि विकास पर खर्च होंगे 321 करोड़

himachal pradesh news kangraधर्मशाला — प्रदेश में कृषि विविधिकरण को बढ़ावा देने के लिए 321 करोड़  रुपए खर्च किए जाएंगे। शहरी विकास एवं नगर नियोजन मंत्री सुधीर शर्मा ने मंगलवार को धर्मशाला के समीप दाड़ी में जायाका परियोजना के अंतर्गत आयोजित किसान मेले की अध्यक्षता करते हुए बताया कि इस परियोजना के अंतर्गत किसानों को सब्जी उत्पादन, सिंचाई सुविधाएं खेतों तक सड़क मार्गों का निर्माण, किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित एवं प्रशिक्षण व किसानों के समूह गठित कर सब्जी उत्पादन व विपणन हेतु तकनीकी जानकारी प्रदान की जा रही है। परियोजना को प्रदेश के पांच जिलों में बिलासपुर, हमीरपुर, मंडी,  कांगड़ा तथा ऊना जिला में लागू किया गया है। पिछले वित्तीय वर्ष में इस परियोजना के अंतर्गत 45 करोड़ 42 लाख रुपए व्यय किए गए हैं। उन्होंने कहा कि परियोजना के अंतर्गत अनेक कूहलों का निर्माण किया जाएगा, जिसमें ग्राम पंचायत दाड़ी में कूहल का निर्माण 32 लाख रुपए से तथा सुक्कड़ में कूहल का निर्माण 15 लाख रुपए से किया गया है। इसके अतिरिक्त मनेड़ व बगली में कूहल के निर्माण के लिए 35 लाख व 24 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र के लिए दस अतिरिक्त कूहलों का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आदर्श कृषि गांव योजना के अंतर्गत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र की एक पंचायत का चयन कर कृषि विकास योजना तैयार की गई है। इन पंचायतों में कृषि संबंधी अधोसंरचना के लिए दस लाख रुपए व्यय किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में सहकारी स्तर पर कार्य करने के लिए सहकारी कृषि को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिला के नूरपुर क्षेत्र में 16 समूह गठित कर 290 किसानों को इसके अंतर्गत जोड़ा गया है। प्रदेश में पोलीहाउस के निर्माण के लिए डा. वाईएस परमार किसान स्वरोजगार योजना के अंतर्गत 85 प्रतिशत उपदान प्रदान किया जा रहा है। एकीकृत फसल विविधता कार्यक्रम के अंतर्गत चार हजार हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि पर सब्जी उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।  इस अवसर पर कृषि विभाग के अतिरिक्त निदेशक डा. सरोय उपनिदेशक, डा. देस राज व आतमा परियोजना के निदेशक डा. सूद ने किसानों को कृषि संबंधी तकनीकों के बारे में बताया। इस अवसर पर एसडीएम धर्मशाला बलवीर ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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