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काकून उत्पादन ने 1572 परिवारों को दिलाया स्वरोजगार

हमीरपुर, 5 जुलाई : रेशम कीट पालन में स्वरोजगार की असीम संभावनाएं छिपी हैं, हमीरपुर जिला के 1572 परिवारों ने रेशम कीट पालन से जुड़ कर अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर रहे हैं। गत सीजन में हमीरपुर जिला में 27551 किलोग्राम काकून का उत्पादन किया गया है जिससे किसानों को 46 लाख 60 हजार 157 रूपये की आमदन हुई है।
रेशम कीट पालन को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय रेशम बोर्ड के माध्यम से प्रशिक्षण शिविर तथा कीट भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं इसके अतिरिक्त विभिन्न स्तरों पर रेशम कीट के लिए शहतूत की नर्सरियां भी तैयार की गई हैं, निजी स्तर पर भी शहतूत की चार नर्सरियां तैयार की गई हैं जिनके माध्यम से रेशम कीट पालकों को शहतूत के पत्ते उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। नादौन में रेशम कीट पालन विभाग की तरफ से शहतूत की नई पौध भी तैयार की जा रही है ताकि रेशम कीट पालन में और भी आसानी हो सके।
रेशम विभाग के मुताबिक वर्ष-2012-13 में जिला में 1545 किसानों को 845 औंस रेशम कीट उपलब्ध करवाया गया जिसकी कीमत बाजार में 275 रूपये प्रति औंस आंकी गई जबकि उत्पादकों को चालीस रूपये प्रति औंस के हिसाब से रेशम कीट उपलब्ध करवाए गए। चालू वित वर्ष के पहले सीजन में उत्पादकों को 750 औंस कीट उपलब्ध करवाया गया है।
उपायुक्त आशीष सिंहमार ने कहा कि हमीरपुर जिला में रेशम कीट पालन को बढ़ावा देने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं इस के लिए किसानों को जागरूक भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग विशेषकर महिलाओं के लिए रेशम कीट पालन स्वरोजगार का सबसे बढिय़ा माध्यम है, इसमें कम लागत और पच्चीस से पैंतीस दिन के भीतर काकून तैयार हो जाता है। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को रेशम कीट पालन से जुडऩा चाहिए।

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