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कांग्रेस सरकार औद्योगिक निवेश बढ़ाने के नाम पर कर रही धारा-118 के साथ छेड़छाड़:भूपेन्द्र

मंडी, 12जुलाई (पुंछी) : माकपा के जिला सचिव भूपेन्द्र सिंह ने कहा है कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार औद्योगिक निवेश बढ़ाने के नाम पर धारा-118 के साथ छेड़छाड़ कर रही हैं। जिससे हिमाचल में आसानी से बाहरी राज्यों के उद्योगपति व कंपनियां जमीन खरीद सकेगें। उन्होने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने भी हिमाचल प्रदेश को शिक्षा हब्ब बनाने के बहाने यहां की जमीन ब$डे-2 उद्योगपतियों को नीजि विश्वविद्यालय खोलने के लिए सस्ती दरों पर उपलब्ध करवाई थी। हिमाचल प्रदेश में अब तक औद्योगिक निवेश केवल पंजाब और हरियाणा की सीमा पर ही हुआ हैं और उसमें भी बहुत से उद्योगपतियों ने केवल यहां जमीन लेकर भवनों का निर्माण किया है और असली उत्पादन यहां से बाहर होता हैं। माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी केवल उद्योगपतियों के लिए धारा-118 को संशोधित करने की निंदा करती हैं और मांग करती है कि प्रदेश की कुल भूमि का 66 प्रतिशत भाग वन विभाग के स्वामित्व में हैं जहां कोई भी हिमाचल वासी कृषि, बागवानी व निर्माण कार्य नहीं कर सकता हैं। और जो शेष 34 प्रतिशत नीजि भूमि हैं उसमें से भी केवल 16 प्रतिशत भूमि ही कृषि व बागवानी करने योग्य हैं जिस कारण किसानों के पास बहुत कम जमीन उपलब्ध हैं। उन्होने कहा कि प्रदेश में किसानों ने अपनी जीविका चलाने के लिए अपनी भूमि के साथ लगती सरकारी भूमि पर भी कृषि, बागवानी व मकानों का निर्माण किया हैं जिसे आजकल जबरदस्ती खाली करवाने की मुहिम सरकार ने छे$डी हैं। जिसका माकपा विरोध करती है और सरकार से मांग करती है कि प्रदेश की भूमि पर सबसे पहला हक यहां के निवासियों का है। इसलिए उद्योगपतियों और ब$डी-2 कंपनियों को भूमि देने के बजाये सरकार को केन्द्र सरकार से 68 प्रतिशत वन भूमि की किस्म को बदलकर केवल उस 15 प्रतिशत भूमि को ही वन क्षेत्र के तहत रखना चाहिए उसकी जिस पर वास्तव में वन मौजूद हैं। शेष भूमि जिस पर कोई पे$ड पौधे नहीं हैं और केवल उसकी किस्म राजस्व रिकार्ड में डीपीएफ दर्ज है उसे किसानों को वितरित किया जाना चाहिए। ऐसा करने से जिन किसानों के पास 5 बीघा से कम भूमि है उन्हें न्यूनतम 20 बीघा जमीन मिल सकती है तभी वे जमीन से अपने परिवार का पालन पोषण कर सकेगें। परन्तु वर्तमान कांग्रेस सरकार भी पूर्व भाजपा सरकार के नक्शे कदम पर ही निर्णय ले रही हैं और प्रदेश की भूमि को ब$डे-2 उद्योगपतियों व कंपनियों को लुटाने के लिए कानून बना रही हैं। जिससे प्रदेश की आम गरीब जनता की परेशानियां और ब$ढेगी। माकपा की मांग है कि किसानों के कब्जे वाली भूमि व मकान उनके नाम नियमित किये जाये और प्रदेश में जारी बेदखली की मुहिम तुरंत रोकी जाये।

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