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करसोग क्षेत्र में सेब चोरों ने हराम की बागवानों की नींद , पिछले साल भी चोरी हुई थी सैंकड़ों पेटियां, इस बार खड़े पेड़ों से ही चुराए जा रहे हैं सेब, बागवानों की आशंका, लकड़ी तस्करों की ही है यह करतूत

मंडी, 9 जुलाई (पुंछी) : चोरो ने अब लोगो के घरो व मन्दिरो को छोड़ चोरी करने का नया रास्ता ढूढ़ा है। आजकल प्रदेश में सेब का सीजन पूरे योवन पर है। करसोग में चोरो द्धारा बगीचो में लगे पेड़ो से ही सेबो को चुराने का मामला सामने आया है। उल्लेखनीय है कि मंडी जिले में सबसे ज्यादा सेब पैदा करने वाले करसोग के सेब बागवानों पर अब नई आफत टूट पड़ी है। यह नई आफत है सेब चोरों की जो इन दिनों चरखड़ी क्षेत्र में सक्रिय हैं और रातों रात पेड़ों से ही सेब उतार कर बाहर ले जाकर बेचने का काम करने लगे हैं। जाछ चरखड़ी मार्ग पर जोगी कुफरी बरौट के बागवान सुरेश कुमार व जगदीश चंद शर्मा ने बताया कि चोर उनके बागीचे से खड़े पेड़ों से ही सेब उतार कर ले गए। उन्होंने बताया कि रेड गोल्डन का एक पेड़ इस समय फलों से सराबोर था और इससे पहले कि साल भर की मेहनत व इंतजार के बाद सेब में पूरा रस आने पर बागवान स्वयं इसे मार्केट में ले जाने के लिए उतारते चोरों ने ही यह काम कर डाला। इसी तरह से इनके ही बागीचे के एक अन्य पेड़ जिस पर रीच ए रेड क्वालिटी का सेब था को भी चोरों ने खाली कर दिया। इससे पूरे इलाके में बागवानों में दहशत फैल गई है। और जगह से भी इस तरह की खबरें आने लगी है कि उनके पेड़ों से भी सेब चुराए जा रहे हैं। पिछले साल तो सेब की पैक की हुई पेटियां जो गाड़ी में लोड करने के लिए रखी हुई थी को ही चोर उठा ले गए थे। सरचा प्रेसी के एक बागवान धर्म सिंह ने बताया कि उसकी रायल क्वालिटी के सेब की 19 पैक पेटियां बीते साल चोर सडक़ किनारे से ले उड़े थे जिसका कोई पता नहीं लग पाया। इस बार तो चोरों ने हद ही कर दी और पेड़ों से ही सेब गायब करने में लगे हैं। इस क्षेत्र में वन तस्करों का बोलबाला रहा है और वन तस्करी पर नजर रखने के लिए वन विभाग ने मंडी करसोग मार्ग पर जाछ गला में बैरियर भी लगा रखा है मगर चरखड़ी मार्ग जो साथ ही सटा है तथा जहां सबसे अधिक वन तस्करी होती है व सबसे ज्यादा बागीचे हैं इस पर कोई बैरियर नहीं है। यदि बैरियर हो तो वन तस्करों के साथ साथ चोरों का भी पता लगाया जा सकता है क्योंकि बैरियर पर गाड़ी की एंट्री अनिवार्य होती है। चोरी के इस नए नियम से बागवानों में दहशत फैल गई है। इनका मानना है कि यह काम वन तस्करों का ही है जो जैसे तैसे अमीर बनना चाहते हैं। बागवानों की मांग है कि चरखड़ी मार्ग पर भी बैरियर लगाया जाए तथा झुंगी पंचायत में जितनी भी आरा मशीनें व प्लेनर लगे हैं उनकी जांच की जाए, इनमें आधे अवैध निकलेंगे। वन विभाग सतर्क हो तो वन तस्करों पर शिकंजा कसा जा सकता है व सेब चोर भी काबू में आ सकते हैं।

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