October 21, 2017

एचएमओए ने प्रधान सचिव अली राजा रिजवी पर लगाए आरोप, कहा प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को अस्त-व्यस्त करने पर तुले हुए प्रधान सचिव

शिमला 7 जुलाई, 2013, हिमाचल मेडिकल आफिसर असोशीऐशन (एचएमओए) ने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव अली राजा रिजवी पर आरोप लगाया कि वह पिछले कुछ समय से एक सोची समझी साजिश के तहत प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को अस्त-व्यस्त करने पर तुले हुए हैं। अपने अहम के चलते डाक्टरों के स्वभीमान को ठेस पहुंचाने का भी पूरा प्रयास कर रहे हैं। असोशीऐशन ने स्पष्ट किया है कि रिजवी की किसी भी साजिश को वे सफल नहीं होने देंगे। इस बारे सारा खुलासा मुख्यमंत्री के समक्ष किया जाएगा।
मेडिकल आफिसर असोशीऐशन ने आरोप लगाया कि रिजवी मुख्यमंत्री के आदेशों के विपरित कार्य कर रहे हैं। एक सोची समझी साजिश के तहत मेडिकल आफिसर असोशीऐशन से जुड़े पदाधिकारियों को बेवजह तबादला आदेश जारी कर परेशान करने की कोशिश की जा रही है। भाई-भतीजावाद के चलते रिजवी अपने चेहतों को रेवडि़यां बांट रहे हैं जबकि प्रदेश के डाक्टरों के भविश्य के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश की जा रही है। प्रदेश में जीडीयू का कोटा कम कर सामान्य वर्ग के डाक्टरों के साथ अन्याय किया गया है। मेडिकल आफिसर असोशीऐशन ने आरोप लगाया कि रिजवी नंे जीडीयू कोटे की जनरल वर्ग की कोसलीगं न करवा कर जीडीयू से धोखा किया है और प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को कमजोर किया है। प्रधान सचिव स्वास्थ्य ने अपने चेहतों को नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट दे दिया जो अपना र्गामीण र्कायकाल पूरा नहीं कर पाए।
असोशीऐशनने आरोप लगाया कि रिजवी ने पिछले एक साल से डी पी सी नहीं करवाइ जिस के कारण प्रदेश निदेशक लय मे सयूक्त निदेश क, ओेर प्रदेश मे सी एम ओ, बी एम ओ की पोसटे खाली पड़ी हेें।
असोशीऐशन ने आरोप लगाया कि रिजवी ने अपने चेहतों को विशेष व प्रमुख पदों पर नियमों को ताक पर रख कर बैठाया है। यहां तक कि उन्होंने अपनी डाक्टर पत्नी को प्रोजैक्ट अधिकारी बनाकर असोशीऐशन ने हैरानी जताई है कि एक प्रोजैक्ट अधिकारी के तौर पर रिजवी ने अपनी पत्नी को एक सरकारी लग्जरी गाड़ी उपलब्ध करवा रखी है जोकि हमेशा ही उनके घरेलू कामकाज में लगी रहती है।
असोशीऐशनने मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह से आग्रह किया है कि पूर्व में रिजवी ने मेीडकल कालेज मे अध्यापको की उमर बडा कर सहायक प्रोफसरों की उन्नति पर रोक लगा दी हैं। जिस की समीक्षा करवाई जाए और उमर कम कर 58 साल कर दी जाए।नए होनहार डाक्टर उन्नति न होने के कारण प्रदेश छोड़ने को मजबूर हो रहे हैै।
असोशीऐशनने मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह से आग्रह किया है कि पूर्व में किए गए रिजवी के स्वास्थ्य विभाग से सम्बन्धित सभी निर्णयों व कार्यों की पुर्न समीक्षा करवाई जाए और डाक्टरों के खिलाफ किए गए निर्णयों को तुरन्त बदला जाए और रिजवी को इस पद से हटाया जाए।

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