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ऊहल प्रोजेक्ट की सुरंग निर्माण के लिए हो रही ब्लास्टिंग से खुड्डी पंचायत के कई गॉंवो को खतरा

मंडी, 8 जुलाई (पुंछी) : ऊहल प्रोजेक्ट की सुरंग निर्माण के लिए हो रही ब्लास्टिंग से पिछले कई सालों से खुड्डी पंचायत के कई गॉंवो में लगातार मकान दरक रहे हैं, जिससे अब तक 10 मकान गिर गये हैं तथा कई अन्य मकानों के गिरने का भी खतरा है। किसान सभा के वरिष्ठ नेता कुशाल भारद्वाज ने प्रशासन व सरकार से मांग की कि जल्दी ही गॉंव में एक उच्च स्रीय टीम भेज कर नुकसान का आंकलन कर उचित मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि खुड्डी पंचायत के ऊपरला सपडोह, निचला सपडोह, करलोण, नगौण व खुड्डी गॉंवों में दरारें आने व जमीन धंसने के चलते होशियार सिंह, बलदेव, बर्फी देवी, ज्ञान चंद, चीनी राम, मनोहर सिंह, भीम सिंह, ध्यान सिंह, ईश्वर सिंह, कला देवी आदि के मकान गिर गये हैं, लेकिन प्रभावितों को आज तक कोई मुआवजा नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के मकान गिर गये हैं उन्हें प्राकृतिक आपदा कोष से भी मुआवजा दिया जाए। कुशाल भारद्वाज ने कहा कि सुरंग निर्माण की वजह से जिस तरह जमीन धंसने का सिलसिला जारी है, उससे कोई बडा हादसा भी हो सकता है। उन्हाने कहा कि आज हालत ये है कि उपरोक्त गॉंवों के अधिकांश परिवार अपनी जान को जोखिम में डाल कर इन घरों में रहते हैं। उन्होंने कहा कि चंद ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए कई जगह बिना जरूरत के ही करो$डों रूपये के डंगे लगा दिये जाते हैं, लेकिन जिन लोगों की जान व माल को खतरा है, उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। सोमवार को हिमाचल किसान सभा की खुड्डी पंचायत कमेटी ने खुड्डी पंचायत के किसानों की समस्याओं को हल करने के लिए पिछली भाजपा सरकार और वर्तमान कांग्रेस सरकार द्वारा उदासीन रवैया अपनाने की कड़े शब्दों में निंदा की है असैर किसान सभा की खुड्डी पंचायत के पदाधिकारियों की बैठक सोमवार को होशियार सिंह की उपस्थिति में आयोजित की गई। बैठक में किसान सभा के वरिष्ठ नेता कुशाल भारद्वाज और रणजीत राणा ने भी भाग लिया। होशियार सिंह ने कहा कि ऊहल प्रोजेक्ट की सुरंग निर्माण के लिए हो रही ब्लास्टिंग से पिछले कई सालों से खुड्डी पंचायत के कई गॉंवो में लगातार मकान दरक रहे हैं, जिससे अब तक 10 मकान गिर गये हैं तथा कई अन्य मकानों के गिरने का भी खतरा है। उन्होंने कहा कि पिछले साल जब प्रभावितों ने हिमाचल किसान सभा के बैनर तले अपनी मांगों पर संघर्ष किया तो सरकार व प्रशासन ने गॉंव में हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए एक टीम भी भेजी थी। लेकिन उसके बाद न तो गॉंववासियों को कोई मुआवजा दिया गया और न की कोई मुरम्मत आदि का कार्य किया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा व कांग्रेस की सरकारों ने उन्हें आश्वासनों के सिवा कुछ नहीं दिया। इस अवसर पर कुशाल भारद्वाज ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पिछले 7-8 वर्षों से प्रभावित किसानों ने प्रदेश सरकार, स्थानीय प्रशासन व बीवीपीसीएल प्रबंधन से नुकसान का मुआवजा देने या फिर उनके घरों की मुरम्मत करवाने की गुहार लगाई, लेकिन आज तक किसी ने भी उनकी गुहार नहीं सुनी। कुशाल भारद्वाज ने कहा कि उन्होंने स्वयं उपरोक्त गॉंवों का दौरा कर देखा कि सुरंग निर्माण के कारण करलोण गॉंव के हाशियार सिंह, सन्तोषी देवी, कमला देवी, सुभाष सिंह, कांशी राम व शेष राम, ऊपरला सप$डोह गॉंव के किशोरी लाल, प्यार चंद, बर्फी देवी, लालमन, मति देवी, राजमल, प्रताप सिंह, जगदीश चंद, श्याम सिंह, रोशन, प्रेम सिंह, डोडू राम, दुनि चंद, प्रकाश, गुरदास,गुलाब सिंह, अमर सिंह व कारजू देवी, निचला सप$डोह गॉंव के वीर सिंह, नारयण, कांशी राम, लखू राम, प्यार चंद, राजकुमार, कांशी राम, नीलमण व सुभाष, खुड्डी गॉंव के टोडर मल, राजमल, पान सिंह-1, प्रेम सिंह-1, बुद्घिसिंह, प्रताप सिंह, रेलू राम, साजू राम, ज्ञान सिंह, मौजी राम, बालम राम, लोहारू राम, तेगू राम, प्रभी देवी, प्रेम सिंह-2, रोशन लाल, पान सिंह-2, दुनि सिंह, गीता देवी रमेश चंद, नगोण गॉंव के ईश्वर सिंह, धोबा राम, बुद्घि सिंह, स्वामी राम, रत्न सिंह, प्रभी देवी खिमा देवी, कला देवी, प्रकाशा देवी, दान सिंह, पूर्ण सिंह, ध्र्म सिंह, ठाकर सिंह, ज्ञान चंद व तेजमल आदि के घरों में दरारें आई हैं और कई घर तो ढहने के कगार पर हैं।

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