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आसाराम-साई पर लगेगा 85 करोड़ जुर्माना

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जोधपुर, 11 अप्रैल – दुष्कर्म मामले में जेल में बंद आसाराम और उसके बेटे नारायण साई से आयकर विभाग 85 करोड़ रुपए वसूलने की तैयारी में है। मामला 50 करोड़ रुपए के बेहिसाब निवेश का है। आयकर विभाग ने दोनों को नोटिस भी दिया है, लेकिन उसका जवाब नहीं मिला है। गुजरात पुलिस को नारायण साई के पास से वर्ष 2006-07 में 50 करोड़ से अधिक की राशि के म्यूचुअल फंड व निवेश के सबूत मिले थे। इस राशि पर करीब आठ साल की अवधि से टैक्स, ब्याज और पेनल्टी की गणना होगी। ब्याज प्रत्येक माह एक प्रतिशत की दर से बढ़ता जाएगा और यह लगभग 85 करोड़ तक पहुंच जाएगा।

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4 Comments

  1. avinash

    प्राचीन काल में ऋषियों के पास इतनी संपत्ति होती थी कि बड़े बड़े राजा जब आर्थिक संकट में आ जाते थे तब उनसे लोन लेकर अपने राज्य की अर्थ व्यवस्था ठीक कर लेते थे। साधु संतों के पास प्रापर्टी नहीं होगी तो वे धर्म प्रचार का कार्य कैसे करेंगे? प्राचीन काल में राज्य से धर्म प्रचार के लिए धन दिया जाता था। बुद्ध के प्रचार के लिेए सम्राट अशोक जैसे राजाओँ ने अपनी सारी संपत्ति लगा दी और आज के समय में धर्म निरपेक्ष सरकार मंदिरों की संपत्ति और आय को हड़प तो कर लेती है और उसे विधर्मियों को देकर अपना उल्लू सीधा करती है। लेकिन हिन्दु धर्म के प्रचार के लिए राज्य कोश से पैसा खर्च नही करती। आम हिन्दु समाज भी अपने परिवार के लिए ही सब धन खर्च करना जानता है, धर्म की सेवा के लिए 10% आय भी लगाता नहीं। उनके लगाये हुए धन को भी आज की स्वार्थी सरकार हड़प ले जाती है – सिरड़ी धाम और बालाजी, सत्य साँई… आदि प्रत्यक्ष उदाहरण है। लोगों के पवित्र जीवन और उदासीनता के कारण भिक्षा वृत्ति भी अब संभव नही है इसलिए आश्रमवासियों के लिए भोजन बनाने के लिए भी संतों को व्यवस्था करनी पड़ती है। उनको व्यापारी मुफ्त में तो दाल, चावल, शक्कर आदि राशन नहीं देंगे। अपरिग्रह की बात सिर्फ हिन्दु साधुओं के लिए ही सिखाई जाती है, विधर्मियों और ईसाई मिशनरियों के लिए कोई नही कहता कि उनको संपत्ति की क्या जरूरत है.. रोमन कैथोलिक चर्च का एक छोटा राज्य है वेटिकन। अपने धर्म के प्रचार के लिए वे हर साल 145,000,000,000 डॉलर खर्च करते हैं। तो उनके पास कुल कितनी संपत्ति होगी? वेटिकन के किसी भी व्यक्ति को पता नही है कि उनके कितने व्यापार चलते हैं? रोम शहर के 33% इलेक्ट्रॉनिक, प्लास्टिक, एयर लाइन, केमिकल और इंजीनियरिंग बिजनेस वेटिकन के हाथ मे है। दुनिया में सबसे बड़े शेयर होल्डर वेटिकन वाले हैं। इटालियन बैंकिंग में उनकी बड़ी संपत्ति है और अमेरिका एवं स्विस बैंकों में उनकी बड़ी भारी डीपोजिट है। (वेटिकन एम्पायर नाम के किताब से) उनके संपत्ति के आगे भारत के साधुओं के हजार करोड़ की संपत्ति कोई मायने नही रखते। वे लोग खर्च करते हैं विश्व में धर्मान्तरण करके लोगों को अपनी संस्कृति और धर्म से भ्रष्ट करने में, वियतनाम जैसे देशों में युद्ध करने में और अशांति फैलाने में जबकि आसारामजी बापू जैसे भारत के संत प्रवर खर्च करते हैं लोगों को शांति देने में, उनकी स्वास्थ्य सेवाओं में, आदिवासियों और गरीबों की सेवा में, प्राकृतिक आपदा के समय पीड़ितों की सेवा में और अन्य लोक सेवा के कार्यों में।

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  2. avinash

    इतने पैसे क्यो है ये नही खटकता, खटकता इसलिए है कि हिन्दु साधुओ के पास क्यो है…प्राचीन काल में ऋषियों के पास इतनी संपत्ति होती थी कि बड़े बड़े राजा जब आर्थिक संकट में आ जाते थे तब उनसे लोन लेकर अपने राज्य की अर्थ व्यवस्था ठीक कर लेते थे। साधु संतों के पास प्रापर्टी नहीं होगी तो वे धर्म प्रचार का कार्य कैसे करेंगे? प्राचीन काल में राज्य से धर्म प्रचार के लिए धन दिया जाता था। बुद्ध के प्रचार के लिेए सम्राट अशोक जैसे राजाओँ ने अपनी सारी संपत्ति लगा दी और आज के समय में धर्म निरपेक्ष सरकार मंदिरों की संपत्ति और आय को हड़प तो कर लेती है और उसे विधर्मियों को देकर अपना उल्लू सीधा करती है। लेकिन हिन्दु धर्म के प्रचार के लिए राज्य कोश से पैसा खर्च नही करती। आम हिन्दु समाज भी अपने परिवार के लिए ही सब धन खर्च करना जानता है, धर्म की सेवा के लिए 10% आय भी लगाता नहीं। उनके लगाये हुए धन को भी आज की स्वार्थी सरकार हड़प ले जाती है – सिरड़ी धाम और बालाजी, सत्य साँई… आदि प्रत्यक्ष उदाहरण है। लोगों के पवित्र जीवन और उदासीनता के कारण भिक्षा वृत्ति भी अब संभव नही है इसलिए आश्रमवासियों के लिए भोजन बनाने के लिए भी संतों को व्यवस्था करनी पड़ती है। उनको व्यापारी मुफ्त में तो दाल, चावल, शक्कर आदि राशन नहीं देंगे। अपरिग्रह की बात सिर्फ हिन्दु साधुओं के लिए ही सिखाई जाती है, विधर्मियों और ईसाई मिशनरियों के लिए कोई नही कहता कि उनको संपत्ति की क्या जरूरत है.. रोमन कैथोलिक चर्च का एक छोटा राज्य है वेटिकन। अपने धर्म के प्रचार के लिए वे हर साल 145,000,000,000 डॉलर खर्च करते हैं। तो उनके पास कुल कितनी संपत्ति होगी? वेटिकन के किसी भी व्यक्ति को पता नही है कि उनके कितने व्यापार चलते हैं? रोम शहर के 33% इलेक्ट्रॉनिक, प्लास्टिक, एयर लाइन, केमिकल और इंजीनियरिंग बिजनेस वेटिकन के हाथ मे है। दुनिया में सबसे बड़े शेयर होल्डर वेटिकन वाले हैं। इटालियन बैंकिंग में उनकी बड़ी संपत्ति है और अमेरिका एवं स्विस बैंकों में उनकी बड़ी भारी डीपोजिट है। (वेटिकन एम्पायर नाम के किताब से) उनके संपत्ति के आगे भारत के साधुओं के हजार करोड़ की संपत्ति कोई मायने नही रखते। वे लोग खर्च करते हैं विश्व में धर्मान्तरण करके लोगों को अपनी संस्कृति और धर्म से भ्रष्ट करने में, वियतनाम जैसे देशों में युद्ध करने में और अशांति फैलाने में जबकि आसारामजी बापू जैसे भारत के संत प्रवर खर्च करते हैं लोगों को शांति देने में, उनकी स्वास्थ्य सेवाओं में, आदिवासियों और गरीबों की सेवा में, प्राकृतिक आपदा के समय पीड़ितों की सेवा में और अन्य लोक सेवा के कार्यों में। आसारामजी बापू के सेवाकार्यों से कौन परिचित नही है। उनके साधक भली भाँति जानते हैं और उनके इन सेवाकार्यों को देखते हुए ही भक्त उनको भेंट देते हैं। बापूजी के पास इतने रूपये कहाँ से आये पूछते हो तो इसका सीधा सा जवाब है – बापूजी के 4 -6 करोड़ साधक है। प्रत्येक साधक 10 रुपये भी दे तो भी करोड़ो रुपये हो सकता है, कोई बहुत बड़ी राशि नही है। बापूजी के पास इतने रुपये दिखता है लेकिन उनके सेवाकार्य कभी क्यो नही दिखा आपको अंधो के शिरोमणि। देश को लूटकर परदेश में काले धन जमा करने वाले अभागे नेताओं के पास कितने धन है कभी जाँच किया और उनके पास कहाँ से आया – ये कभी जानने का प्रयास किया? खुद को बहुत होशियार समझने वाले कभी ईमानदारी से ऐसे देश द्रोही नेताओ की जाँच करके देश के प्रति तो वफादारी दिखाओ… एक संत को नोटिस जारी करते हो, दुनिया भर की जाँच कराते हो जिनके पास धन उनके भक्तों ने अपने खुशी से दिये हैं लेकिन तुम्हारे इन भ्रष्ट नेताओ को कौन सा पब्लिक अपनी खुशी से देता है। परदेश में कालाधन किसी संत ने जमा किया है कि इन भ्रष्ट नेताओं ने? आसारामजी बापू ने तो कितने गौशाला खोलवाये मै जानता हूँ- तुम्हारे नेताओं ने कितने गोशाला खोलवाये ये बता दो? और तो और सुप्रीम कोर्ट ने गोहत्या निषेध कानून बनाया उस पर अमल नहीं करते ये भ्रष्ठ नेता. बल्कि इन लोगो ने तो गायो के लिए कतल खाने खोलवा दी। गरीबो को मकान, भंडारा, आपदा ग्रस्त को राहत कार्य, पिछड़े इलाको में चिकित्सा – शिक्षा व्यवस्था, बच्चो में अच्छे संस्कार डालने के लिए बाल संस्कार केन्द्र, आज के पाश्चात्य अंधानुकरण में तबाह होती युवापीढी को युवाधन सुरक्षा अभियान, मातृ पितृ पूजन दिवस, नारी उत्थान मंडल, आदि सेवाकार्य बापूजी ने जो किये वो किस नेता ने किये? हिन्दुओ को धर्मान्तरण से किस नेता ने बचाने का प्रयास किया? लेकिन बापूजी ने पिछड़े इलाको मे रोटी कपड़े देकर ईसाईकण किया जाता था उन क्षेत्रों मे जप यज्ञ शुरु किया। जिसके अंतर्गत लोग दिन में भजन करते हैं, भोजन करते हैं शाम को दिन भर की मजदूरी जितनी दक्षिणा भी ले जाते हैं। ये सब किस नेता ने किये?

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  3. Kinjal

    Sarkar to chahti hi hai paisa hadpana Asaram Bapuji aur Narayan Saiji ke Ashramo ka kyo ki Bapuji jo Dharmantaran rokte hai isase videshi aur sajish kartao ko hani ho rahi hai. Unka ye ghilona khel jo khatm hone ja raha hai…

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  4. avinash

    आसारामजी बापू के सेवाकार्यों से कौन परिचित नही है। उनके साधक भली भाँति जानते हैं और उनके इन सेवाकार्यों को देखते हुए ही भक्त उनको भेंट देते हैं। बापूजी के पास इतने रूपये कहाँ से आये पूछते हो तो इसका सीधा सा जवाब है – बापूजी के 4 -6 करोड़ साधक है। प्रत्येक साधक 10 रुपये भी दे तो भी 50 करोड़ कोई बहुत बड़ी राशि नही है। बापूजी के पास इतने रुपये दिखता है लेकिन उनके सेवाकार्य कभी क्यो नही दिखा आपको अंधो के शिरोमणि। देश को लूटकर परदेश में काले धन जमा करने वाले अभागे नेताओं के पास कितने धन है कभी जाँच किया और उनके पास कहाँ से आया – ये कभी जानने का प्रयास किया? खुद को बहुत होशियार समझने वाले कभी ईमानदारी से ऐसे देश द्रोही नेताओ की जाँच करके देश के प्रति तो वफादारी दिखाओ… एक संत को नोटिस जारी करते हो जिनके पास धन उनके भक्तों ने अपने खुशी से दिये हैं लेकिन तुम्हारे इन भ्रष्ट नेताओ को कौन सा पब्लिक अपनी खुशी से देता है। परदेश में कालाधन किसी संत ने जमा किया है कि इन भ्रष्ट नेताओं ने? आसारामजी बापू ने तो कितने गौशाला खोलवाये मै जानता हूँ- तुम्हारे नेताओं ने कितने गोशाला खोलवाये ये बता दो? और तो और सुप्रीम कोर्ट ने गोहत्या निषेध कानून बनाया उस पर अमल नहीं करते ये भ्रष्ठ नेता. बल्कि इन लोगो ने तो गायो के लिए कतल खाने खोलवा दी। गरीबो को मकान, भंडारा, आपदा ग्रस्त को राहत कार्य, पिछड़े इलाको में चिकित्सा – शिक्षा व्यवस्था, बच्चो में अच्छे संस्कार डालने के लिए बाल संस्कार केन्द्र, आज के पाश्चात्य अंधानुकरण में तबाह होती युवापीढी को युवाधन सुरक्षा अभियान, मातृ पितृ पूजन दिवस, नारी उत्थान मंडल, आदि सेवाकार्य बापूजी ने जो किये वो किस नेता ने किये? हिन्दुओ को धर्मान्तरण से किस नेता ने बचाने का प्रयास किया? लेकिन बापूजी ने पिछड़े इलाको मे रोटी कपड़े देकर ईसाईकण किया जाता था उन क्षेत्रों मे जप यज्ञ शुरु किया। जिसके अंतर्गत लोग दिन में भजन करते हैं, भोजन करते हैं शाम को दिन भर की मजदूरी जितनी दक्षिणा भी ले जाते हैं। ये सब किस नेता ने किये?

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