Header ad
Header ad
Header ad

आरटीआई का प्रयोग जनहित से जुड़े मुद्दों में करने को वरीयता दी जाए- भीमसेन

Press Conf. at DRDA hall D.Shala on RTI by State Chief Commissioner Sh.Bhim Sen (3)धर्मशाला, सूचना का अधिकार अधिनियम के विभिन्न कानूनी पहलुओं
को जानने वाला प्रत्येक नागरिक सार्वजनिक मंच पर जनहित से जुड़े मुद्दों
को उठाकर लोकायुक्त की भूमिका निभा सकता है। लोगों को व्यक्तिगत मुद्दों
के मुकाबले जनहित से जुड़े मुद्दों को वरियता देते हुए सामाजिक हित में
सूचना का अधिकार अधिनियम का उपयोग करना चाहिए, क्यांेकि सार्वजनिक हित
व्यक्तिगत मुद्दों से कहीं अधिक बड़े हैं।
यह जानकारी हि0प्र0 सूचना आयुक्त, भीमसेन ने धर्मशाला में प्रेस वार्ता
को संबोधित करते हुए दी। उन्होंने कहा कि सूचना के अधिकार अधिनियम का
उपयोग जनहित से जुड़े मुद्दों में करने से हर आम व्यक्ति को सरकार की
योजनाओं का उचित एवं गुणवत्तायुक्त लाभ प्राप्त हो पाएगा। उन्होंने कहा
कि सूचना का अधिकार अधिनियम से जुड़े हर अधिकारी को जनहित के प्रति
उत्तरदायी होना चाहिए और उसे आवश्यक सूचना को सम्बद्ध व्यक्ति या संस्था
तक निर्धारित समयावधि में पहुंचाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा
कि आरटीआई ने प्रत्येक नागरिक को हर सरकारी संस्था एवं सरकार से अनुदान
एवं अन्य सहायता प्राप्त कर रही संस्था से प्रत्येक प्रकार की जानकारी
प्रदान करने का अवसर प्रदान किया है अतः प्रत्येक व्यक्ति इन संस्थाओं से
किसी भी प्रकार की जानकारी ले सकता है।
उन्होंने बताया कि मांगी गई सूचना 30 दिनों के भीतर प्रत्येक जन सूचना
अधिकारी को प्रदान करना अनिवार्य है। अगर सूचना इस अवधि में प्राप्त नहीं
होती है तो संबंधित व्यक्ति प्रथम अपील कार्यालय जन सूचना अधिकारी को कर
सकता है इस संदर्भ में प्रथम अपील कार्यालय 30 दिनों के भीतर अपना फैसला
देगा। इस अवधि में अगर जन सूचना अधिकारी से सूचना प्राप्त नहीं होती है
तो अपीलकर्ता दूसरी अपील प्रदेश सूचना आयुक्त को कर सकता है। थर्ड पार्टी
के संदर्भ में मांगी गई सूचना संबंधित सूचना अधिकारी को जनहित में
संबंधित व्यक्ति से 10 दिनों के भीतर मौखिक तौर पर वार्ता कर सूचना
मांगने वाले व्यक्ति को तय अवधि में प्रदान करना आवश्यक होगी। उन्होंने
कहा कि प्रदेश सरकार के अधीन हर कार्यालय, गैर सरकारी संस्था एवं सहकारी
बैंकों से संबंधित सूचना के संदर्भ में अपील प्रदेश जन सूचना कमीशन से
मांगी जानी चाहिए जबकि केंद्र सरकार के अधीन समस्त कार्यालयों एवं बैंक
संस्थानों के संदर्भ में सूचना केंद्र जन सूचना कमीशन से मांगी जा सकती
है।
श्री भीमसेन ने बताया कि प्रदेश में गत वर्ष से यह भी निर्णय लिया गया है
कि प्रत्येक कार्यालय में कार्यालय फाईल में की जाने वाली नोटिंग के अंत
में नोटिंग करने वाले अधिकारी एवं कर्मचारी अपना पूर्ण नाम व पदनाम अंकित
करे जबकि कार्यालय पत्रों के संदर्भ में पत्र जारी करने वाला अधिकारी को
पत्र के अंत में अपना पूरा नाम पदनाम सहित लिखना आवश्यक है। उन्होंने कहा
कि ऐसा करने से मांगी गई सूचना के विषय में पूर्ण जानकारी उस समय के
अधिकारी द्वारा लिए गए निर्णय इत्यादि के संदर्भ में प्रदान की जा सके।
Share

About The Author

Related posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Please Solve it * *

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)