Header ad
Header ad
Header ad

आनार की फसल से लहराए खेत

9 जुलाई मण्डी : गोपालपुर विकास खण्ड की ग्राम पंचायत भांम्बला के सतवीर सिह नें परम्परागत खेती को त्याग कर कृशि में विविधता लाते हुए अपनी पांच बीघा उपजाउ भूमि मेें कडी मेंहनत से सिन्धूरी किस्म के आनार का बगीचा तैयार करके लाखों रूपए कमाए।
सतवीर सिह के अनुसार लावारिस पषुओं से तंग आकर अपनी उपजाउॅ भूमि में आनार का बगीचा उगानें की सोच विकसित करके वर्श 2008 में बजौरा नर्सरी सें सिन्धूरी किस्म के आनार का 70 रूप्ये प्रति पौधा खरीद कर 340 पोधों तथा वगीचे में चार ट्रक गोवर खाद डालकर रोपित किये । बगीचे में सिचाई व्यवस्था के लिए सतवीर ने दो लाख रूपये की लागत से कुऐं का निर्माण किया तथा उसमें ड्रिप प्रणाली प्रयोग में लाई गई । बगीचे में पौधौ ने चौथे वर्ष फल देना षुरू किया तथा 18 क्बिटल फलोत्पादन हुआ । सतवीर ने दिल्ली की मण्डी में इस आनार को बेच कर एक लाख 75 हजार रूप्ये कमाऐं जबकि अगले वर्श उन्होने मण्डी में 15 क्विटल आनार दिल्ली मण्डी मे दाम कम होने के बाबजूद एक लाख रूपये में बेचा ।
सतवीर के अनुसार अभी तक उन्होने इस बगीचे को उगाने के लिए सरकार की ओर से कोई सहायता नही ली है तथा अपने प्रयासों से ही बगीचे को विकसित किया है ।परम्परागत खेती को जंगली जानबर तथा आबारा पषु नश्ट कर रहे है जिसकी बजह से किसानों का खेती की ओर रूझान कम हुआ है । सतवीर ने किसानों को सलाह दी है कि यदि वह अपने खेतों में नगदी फसलों या बागवानी को बढावा देकर अच्छी आय अर्जित करके अपनी आर्थिकी सुदृढ कर सकते है ।उधर उद्यान विकास अधिकारी गोपालपुर डाक्टर नरदेव ठाकुर के अनुसार सतवीर सिंह को सिन्धूरी आनार का बगीचा तैयार करने के लिए विभाग की ओर से वागवानी की आधुनिक तकनिक तथा हर्बल कीटनाषक व दबाइयों के प्रयोग की जानकारी समय-समय पर दी गई । उनके अनुसार गोपालपुर विकासखण्ड का जलवायु नीबू पजाति के फलों , आम , आनार, कीबी, अमरूद ,लीची, पपीता ,आडू,नाषपाती ,प्लम, अखरोट तथा उपरी क्षेत्रों में सेब उत्पादन के लिए बहुत ही अनुकूल है तथा वागवान सरकारी सहायता प्राप्त करके वागवानी को बढाबा देकर अच्छी आय अर्जित कर सकते है ।

Share

About The Author

Related posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Please Solve it * *

Powered By Indic IME
Type in
Details available only for Indian languages
Settings Settings reset
Help
Indian language typing help
View Detailed Help