Header ad
Header ad
Header ad

आज से शुरू होगा एकादश रूद्र महादेव मंदिर में 24 घंटे ओम नमो शिवाय का अखंड पाठ

मंडी, 15 जुलाई (पुंछी) :ऐतिहासिक मंदिरो की नगरी मंडी जिसे छोटी काशी के नाम से भी जाना जाता है। इस धार्मिक नगरी में कई अदभुत शिवलिगों से सजे मंदिर देखने को मिलते है। जिन मंदिरो में भगवान शिव अनेक रूपो में विद्यमान है। इन सभी शिव रूपो को अलग-अलग नामो से जाना जाता है। यह सभी रूप भगवान शिव की आस्था को प्रकट करते है। ऐसी ही ब्यास नदी के मनोरम तट पर बसा प्राचीन शिव मंदिर है जिसे एकादश रूद्र महादेव मंदिर के नाम से जाना जाता है।

पूरे भारत में केवल 2 ही मदिंर
एकादश रूद्र महादेव मंदिर की खास एतिहास यह है कि पूरे भारत में केवल 2 ही मंदिर है। एक मध्यप्रदेश में तो दूसरा हिमाचल के मंडी शहर में है। इस मंदिर का नाम एकादश रूद्र महादेव मंदिर इस लिए पड़ा क्योकि इस मंदिर में गयारह शिव लिंग है। भगवान शिव का सबसे प्रिय महीना सावन मास का है। सावन मास के आते ही एकादश रूद्र महादेव मंदिर में ओम नमो शिवाय का अखंड पाठ पूरे सावन मास चला रहता है। एकादश रूद्र महादेव मंदिर में ओम नमो शिवाय की ध्वनि व घंटियो की गुंज से पूरे मंडी शहर का वातावरण भक्तिमय बन जाता है। हर वर्ष की भांति इस बार भी एकादश रूद्र महादेव मंदिर में सावन मास महोत्सव 16 जुलाई से 15 अगस्त तक किया जा रहा है। एकादश रूद्र महादेव मंदिर में यह आयोजन मंदिर के पुजारी सत संन्दरम द्धारा पिछले 33 वर्षो से लगातार पूरी लगन से किया जा रहा है।

क्या कहते है एकादश रूद्र महादेव मंदिर के पुजारी

एकादश रूद्र महादेव मंदिर के पुजारी सत संन्दरम इस आयोजन को भगवान शंकर का वरदान मानते है। वह मंडी के लोगो की देवी देवताओ के प्रति गहरी आस्था को भी इस आयोजन में सहयोग मानते है।

आज से शुरू मंदिर में ओम नमो शिवाय का अखंड पाठ
आज से एकादश रूद्र महादेव मंदिर में सावन मास महोत्सव की शुरूआत अखंड ज्योति प्रज्वलित करने से होगी। इसके ठीक बाद आज से पूरे महीने भर ओम नमो शिवाय का जाप दिन रात चलता रहेगा। एकादश रूद्र महादेव मंदिर के पुजारी सत संन्दरम ने बताया कि रोजाना यंही लंगर ल्राया जाता है। उन्होने बताया कि सावन मास के अङ्क्षतम दिन यानि 13 अगस्त को सुबह 8 बजे शिव का रूद्रभिषेक किया जाएगा। और इसी दिन दोपहर बाद भंडारा किया जाएगा जो रात 10 बजे तक चलता रहेगा।

अमरनाथ की गुफा होगी खास आर्कषण
एकादश रूद्र महादेव मंदिर में सावन मास के अतिम दिन अमरनाथ की गुफा बनाई जाती है। बर्फानी बाबा अमरनाथ की गुफा के कृत्रिम दर्शन के लिए मंदिर में हिमाचल से ही नंही बल्कि दूसरे राज्यो से भी लोग एक दिन पहले इस अदभुत अमरनाथ की गुफा के कृत्रिम दर्शन के लिए मंदिर में पहुंच जाते है। अमरनाथ की गुफा के दर्शन करने से ऐसा प्रतीत होता है कि मानो शिव भोले कुछ पल के लिए यंहा मंदिर में आ गण् हो।

Share

About The Author

Related posts

Leave a Reply

 Click this button or press Ctrl+G to toggle between multilang and English

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Please Solve it * *