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आज का युवा नशे की लत में

नगरोटा बगवां।
हमारे भारत देश के युवाओं को आज नशे का दीपक भीतर ही भीतर खोखला करता जा रहा है। नशे में धुत्त युवा वर्ग को देखकर समाजविदों को भविष्य की चिंता सताने लगती है। यदि युवा ही इस प्रकार से नशा करते-करते अपने जीवन को खो देंगे, तो आने वाले समाज का भार अपने कंधे पर कौन संभालेगा। युवा ही तो भविष्य के कर्णधर होते हैं लेकिन वहीं कर्णधर आज धराशाही हो चुके हैं इसलिए समय की मांग है। यह विचार दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के संस्थापक व संचालक रवि श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी सुश्री सुमेधा भारती जी ने नगरोटा गांधी मैदान में शिव कथा का वाचन करते हुए दिए। उन्होंने कहा कि यदि लोगों को नशे के दुष्प्रभाव बताते हुए उन्हें नशा न करने के लिए प्रेरित किया जाए तो लोग तर्क रखते हैं कि भगवान शिव भी तो नशा करते थे। हम क्यों नहीं कर सकते। आज के समाज की त्रासदी ही यही है कि हम अर्थ का अनर्थ कर देते हैं। भगवान शिव जिस नशे का सेवन करते थे वह नशा तो विवेक प्रदान करता है। मन में बुराइयों के प्रति लडऩे का जज्वा पैदा करता है। विकारों का सृजन कर रहा है। शिव भगवान बिना कोई प्याली पिए हीए जिस नशे में रहते थेए वह नशा ईश्वर के नाम का हैए जिसमें भक्त हर समय मस्त रहते हैंए जिसे पीकर सदा ही आनंद की स्थिति बनी रहती है। साध्वी जी ने बताया कि गुरु के बिना सोए हुए मानव को कोई भी नहीं उठा सकता। मानव का सोना भी दो प्रकार का होता है। एक शरीरिक व दूसरा आत्मिकए जैसे शारीरिक रूप से सोए व्यक्ति को कोई दूसरा जागा व्यक्ति उठा सकता है वैसे ही आत्मिक रूप से जागा संत ही दूसरे सोए हुए मानवों की आत्मा को जगा सकते हैं। कथा के तहत दिव्य ज्योति जागृति संस्थान से पधारी अन्य साध्वी बहनों ने संगीतमय भजनों के माध्यम से उपस्थित जन समूह को आनंद विभोर किया। कथा का समापन विधिवत प्रभु की आरती से किया गया।

 

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