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अरे कोई धर्मशाला में गाडी की पार्किंग तो दिला दो…

traffic jam in one of location at Dharamsala

धर्मशाला (अरविन्द शर्मा )
अरे कोई धर्मशाला में गाडी की पार्किंग तो दिला दो……
हर सरकार इस शहर को पार्किंग समस्या से निजाद दिलाने के करती है वादे
दलाई लामा के कारण बना अंतर राष्ट्रीय शहर –सड़कों पर लगे गाड़ियों के ढेर से बदसूरत भी हो रहा
अंतर्राष्ट्रीय एक दिवसीय क्रिकट मैच के बाद अब हिमाचल की दूसरी राजधानी मानी जाने वाली नगरी धर्मशाला विश्व में अपनी पहचान बना चूका है I यूँ तो विशव के सर्वाधिक (मौजूदा) लोकप्रिय धार्मिक नेता दलाई लामा के 1960 में तिब्बत से आने के बाद धर्मशाला में बस जाने से 53 वर्ष पहले ही यह शहर विश्व के नक़्शे पर आ गया था , ओर तभी से एहन बोध दर्म से जुड़े अंतर्राष्ट्रीय सैलानी आने लगे थे I परन्तु कुछ वर्ष पूर्व कश्मीर में आतंक बाद फैलने के कारण राष्ट्रिय पर्यटकों ने भी धर्मशाला का रुख करना प्रारम्भ कर दिया थाIइस शहर का मुख्य आकर्षण इसका स्नो रेज़ (सारा वर्ष बर्फ से ढके पहाड़ )धौलाधार का सौन्दर्य ही है I ऐसा दावा किया जाता है की स्नो रेज़ के इतने करीव विश्व में कोई ओर शहर नहीं है I हिमाचल में कुल विदेशी सैलानियों में से 70% इसी शहर में आतें हैं, ओर कई तो यहाँ स्थाई तौर पर बस भी गए हैंi हिमाचल का सबसे बड़ा हवाई अड्डा यहीं होने से उच्च कोटि के पर्यटक भी धर्मशाला अधिक संख्या में आतें है I
धर्मशाला के आसपास टीम राष्ट्रिय स्तर के धार्मिक स्थल होने के कारण भी इस शहर में सैलानियों का जमावड़ा लगभग सारा वर्ष लगा रहता है I प्रदेश की दूसरी राजधानी होने के कारण यहीं पर राजनीती से जुड़े लोगो का आवागमन भी भारी संख्या में रहता है I वैसे तो धर्मशाला क्रिकेट को लेकर यहाँ हर वर्ष होने वाले आईपीएल टी –ट्वंटी के कारण भी मशहूर हो चूका है, परन्तु इस वर्ष जनवरी में यहाँ आयोजित अंतर्राष्ट्रीय एक दिवसीय क्रिकट मैच के बाद से यहाँ आने वाले पर्यटकों की संख्या में कई गुना इजाफा हुआ है I कुल मिला करयदि यूँ कहें की धर्मशाला अब उत्तर भारत का सबसे लोकप्रिय पर्यटक स्थल है तो कतई भी गलत न होगा I
उपरोक्त बातों को मद्देनज़र रखते हुए यह तो माना ही जा सकता है की धर्मशाला में सारा वर्ष पर्यटकों का आना जाना लगा ही रहता है I धर्मशाला में रेल लिंक नहीं है ओर न ही हवाई सेवा इतनी अधिक है इसके चलते यहाँ आने वाले पर्यटकों में से 98 % पर्यटक सडक के रस्ते ही आतें है I सडक मार्ग से आने वाले पर्यटकों में से अधिकतर अपने अपने वाहनों से धर्मशाला आते है Iओर येही कारण है की इस शहर में वाहनों की भीड़ लगी रहती है, ओर कभी कोइ समारोह हो जाए तो फिर घंटों जाम लगा रहता हैI
सड़कों पर वाहनों की भारी भीड़ का मुख्य कारण है शहर में पार्किंग स्थलों का ना के बराबर होना i परदेश की सत्ता में काविज होने वाली हर सरकार इस शहर को पार्किंग समस्या से निजाद दिलाने के वादे तो करती है, परन्तु ये कागज़ी करवाई से आगे नहीं निकल पातेIकहीं जमीन की कमी रहती है तो कहीं दोनों मुख्य सियासी पार्टियों की खींचतान I नतीजतन आज तक केंद्र की करोड़ों की सहायता के बावजूद पार्किंग स्थलों का निर्माण या तो हुआ नहीं या फिर केंद्र का पैसा वापिस चला गयाI
पर्यटकों के अतिरिक्त स्थानीय लोग अपनी गाड़ियां भी सडको पर कड़ी रखतें है I शहर के १५० से भी अधिक होटलों में पार्किंग की सुविधा नहीं है Iसरकार ने कमर्शियल संस्थान सिविल लाइन , डेन रोड , गुरुद्वारा रोड,चारी रोड, खनियारा रोड इतियादी में खोलने की इजाजत दे राखी है जहाँ गाड़ियाँ पार्क करने की व्यवस्था नहीं है Iस्कूलों में अब स्टाफ के अतिरिक्त बच्चे भी वाहन लटें है ओर सडको पर खड़ा कर देते है ,कालेजों की तो बात ही क्या I बाज़ारों में खरीददार अपने वहां जहाँ थान खड़ा कर देते है Iमुख्य बस अड्डा में जगह की कमी के कारण कुछ बस वाले अपनी बसें रात को सडकों पर ही पार्क कर देते है I पुलिस जुर्माना तो करती है परन्तु पार्क करने की जगह नहीं बता पति i ऐसे में पर्यटक यहाँ दुबारा न आने की कसम खा कर वापिस रवाना हो जाता है i
सरकार को धर्मशाला में पार्किंग की समस्या के हल के लिए ठोस कदम उठाने होंगे

छह महीने में एक करोड़ जुर्माना
धर्मशाला यातायात नियमों की अनदेखी पर जिला पुलिस ने पहले छह माह में एक करोड़ चार लाख 84 हजार रुपए जुर्माना वसूल किया है। आशय की पुष्टि करते हुए एडिशनल एसपी मोहित चावला ने बताया कि यातायात को दुरुस्त रखने के लिए पुलिस द्वारा किए गए कार्यों के चलते उक्त जुर्माना राशि वसूल की है। इसके अलावा इस वर्ष के पहले छह माह में पुलिस ने 41 हजार 840 चालान किए हैं, जबकि पिछले साल छह माह के दौरान जिला भर में 33 हजार चालान ही किए गए थे।

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