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अजौली से लालूवाल सडक़ निर्माण को केन्द्र सरकार ने दिखाई हरी झंड़ी , हिमाचल उद्योग महकमे ने भी एक करोड़ जारी किए

ऊना, 9 जुलाई ( राजीव भनोट ) उद्योग मंत्री मुकेश अग्रिहोत्री के लगातार किए जा रहे प्रयास रंग ला रहे हैं और हरोली विधानसभा क्षेत्र को एक के बाद एक विकासात्मक तोहफे मिलने का सिलसिला जारी है। हरोली हलके में सलोह के लिए 128 करोड़ रूपए लागत का आईआईआई खुलने का मार्ग प्रशस्त होने के बाद अब केन्द्र सरकार ने लालूवाल से अजौली वाया टाहलीवाल सडक़ निर्माण को हरी झंड़ी दिखा दी है। इस सडक़ को 15 करोड़ की लागत से स्तरोन्नत किया जायेगा जिसमें 13 करोड़ रूपए की राशि केन्द्र सरकार प्रदान करेगी और 2 करोड़ हिमाचल प्रदेश का उद्योग महकमा देगा।
टाहलीवाल स्थित औद्योगिक क्षेत्र की महत्ता को देखते हुए केन्द्र सरकार ने तमाम औपचारिकाएं पूरी हो जाने के बाद यह अनुमति प्रदान की है। उद्योग मंत्री मुकेश अग्रिहोत्री ने प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद औद्योगिक महत्ता की इस महत्वपूर्ण सडक़ की डीपीआर प्राथमिकता के आधार पर तैयार करवाकर वाणिज्य मंत्रालय को भिजवाई थी और अपने दिल्ली प्रवास के दौरान उन्होंने केन्द्र से इस सडक़ प्रोजेक्ट की मंजूरी लेने के लिए लगातार प्रयास किए। अब केन्द्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग ने इस सडक़ के निर्माण की निविदाएं भी आमंत्रित कर ली हैं। उद्योग मंत्री मुकेश अग्रिहोत्री ने बताया कि प्रदेश के उद्योग मंत्रालय द्वारा अपने हिस्से की जो दो करोड़ की राशि वहन करनी है, उसमें से एक करोड़ रूपए जारी भी कर दिए हैं । उन्होंने बताया कि इस सडक़ का निर्माण युद्ध स्तर पर किया जायेगा और टाहलीवाल औद्योगिक नगरी का सौंदर्यकरण करके इस नगरी को नई लुक प्रदान की जायेगी। उन्होंने इस सडक़ को मंजूरी देने के लिए केन्द्र सरकार का आभार व्यक्त किया है।
गौरतलब है कि उद्योग मंत्री मुकेश अग्रिहोत्री के प्रयासों से ही ऊना जिला की तमाम खड्डों के तटीयकरण की एक हजार करोड़ रूपए की परियोजना की डीपीआर को केन्द्रीय जल आयोग ने पिछले दिनों हरी झंडी दिखाकर इस जिला को एक बेशकीमती तोहफा प्रदान किया था और उद्योग मंत्रीभ् के प्रयासों से ही हरोली विधानसभा क्षेत्र के पंडोगा के लिए नया औद्योगिक क्षेत्र भी मंजूर हुआ। इस औद्योगिक क्षेत्र के लिए भूमि का चयन भी कर लिया गया है। पंडोगा में ही करीब दो करोड़ रूपए की लागत से वानर नसबंदी केन्द्र भी खुलने जा रहा है जिससे इलाके के किसानों को बंदरों के उत्पात से निजात मिलेगी।

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