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Collective efforts requires for protection of child’s interests: Kiran Danta

राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष किरण दांटा ने आज यहां बाल संरक्षण एवं अधिकारों से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की।
बैठक में आयोग के अन्य सदस्य, जिला कार्यक्रम अधिकारी तिलक राज आचार्य, जिला बाल विकास संरक्षण अधिकारी केएस धीमान सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर किरण दांटा ने बच्चों को राष्ट्र का उज्ज्वल भविष्य बताते हुये उनका उचित विकास सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त देखभाल और सुरक्षा प्रदान करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बच्चों की उचित देखभाल के लिए परिवारों का मार्गदर्शन और समर्थन करने, विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों को बच्चों के लिए प्रभावी बनाने और स्थानीय समस्याओं को हल करने में ग्राम पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बाल-हितैषी ग्राम पंचायतें बच्चों को उनकी क्षमता के अधिकतम स्तर तक विकसित करने में सहायता कर सकती हैं। उन्होंने पोक्सो अधिनियम को और प्रभावी तरीके से लागू करने तथा लोगों को इस बारे जागरूक करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी तिलक राज आचार्य ने जिला कांगड़ा में चलाये जा रहे सर्वशिक्षा अभियान, आंगबाड़ी केन्द्रों में दी जा रही सुविधाओं के बारे में विस्तृत से जानकारी दी। इसके उपरांत आयोग ने आंगनबाड़ी केन्द्र जटेहड़ व शैलटर होम सकोह और कच्छियारी आश्रम का निरीक्षण किया। अपने तीन दिवसीय प्रवास के दौरान आयोग बालिका आश्रम गरली व इंदौरा भी जाएगा।
बैठक में आयोग के सदस्य पूजा, डॉ श्वेता, श्वेता राणा, आशुतोष, चाईल्ड लाइन के निदेशक रमेश मस्ताना, उपनिदेशक प्रारम्भिक शिक्षा दीपक किनायत व कांगड़ा के सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों ने भाग लिया।

जेजे एक्ट की अवहेलना पर बंद होंगे प्राइवेट आश्रम
बैठक के उपरंात राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष किरण दांटा एवं अन्य सदस्यों ने स्थानीय अधिकारियों के साथ कांगड़ा के समीप कच्छियारी में चलाये जा रहे निजी बालिका आश्रम का निरीक्षण किया। उन्होंने इस आश्रम में किशोर न्याय अधिनियम (जेजे एक्ट) के प्रावधानों की अवहेलना का कड़ा संज्ञान लिया और संचालकों को शीघ्र-अतिशीघ्र अधिनियम के अन्तर्गत आश्रम का पंजीकरण करवाने के निर्देश दिये।
उन्होंने कहा कि बच्चों के हितों एवं अधिकारों से किसी प्रकार का खिलवाड़ और उन्हें दी जाने वाली सुविधाओं में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। आयोग की अध्यक्ष ने आश्रम संचालकों को किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों को अविलम्ब लागू करने और अधिनियम के अनुरूप बच्चियों को सभी सुविधायें उपलब्ध करवाने के निर्देश दिये। उन्होंने संचालकों को आश्रम के रिकार्ड के व्यवस्थित रख-रखाव के निर्देश भी दिये। उन्होंने कहा कि किशोर न्याय अधिनियम के अन्तर्गत पंजीकरण नहीं करवाने और अधिनियम की अवहेलना करने वाले निजी आश्रम बंद किये जायेंगे। उन्होंने बाल संरक्षण समिति को भी इस संदर्भ में समुचित कार्रवाई करने के निर्देश दिये।

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