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Chief Minister, Shri Virbhadra Singh called on Finance Minister Sh P Chidambaram in New Delhi

शिमला 10 सितम्बर : श्री वीरभद्र सिंह का केन्द्रीय वित्त मंत्री से विशेष सहायता का आग्रह मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय वित्त मंत्री श्री पी.चिदम्बरम से भेंट कर प्रदेश में कार्यान्वित की जा रही विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए विशेष सहायता उपलब्ध करवाने का आग्रह किया।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एवं राजस्व मंत्री श्री कौल सिंह ठाकुर तथा उद्योग मंत्री श्री मुकेश अग्निहोत्री भी मुख्यमंत्री के साथ बैठक में उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री से राज्य में अधोसंरचना नेटवर्क को सुदृढ़ बनाने के लिए 500 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाने का आग्रह किया। उन्होंने चंडीगढ़-बद्दी नए रेल मार्ग को इसके भौगोलिक एवं सामरिक महत्व के दृष्टिगत राष्ट्रीय महत्व की परियोजना घोषित करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस नए रेल मार्ग के सर्वेक्षण का कार्य पूरा किया जा चुका है तथा इसके बनने से प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों से सामान एवं अन्य सेवाओं की आवाजाही में सुविधा मिलेगी। प्रदेश सरकार इस नए रेल मार्ग को स्थापित करने के लिए सभी आवश्यक सहयोग एवं अधोसंरचना उपलब्ध करवाएगी।
श्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि राज्य में बाढ़ से हुई क्षति का आकलन करने के लिए केन्द्रीय दल ने प्रदेश का दौरा कर केन्द्र सरकार को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की है। उन्होंने इस रिपोर्ट की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विभिन्न सामाजिक-आर्थिक एवं विकास परियोजनाओं को कार्यान्वित करने के लिए धनराशि जारी करने का आग्रह किया। उन्होंने 8 अगस्त, 2007 को प्रधानमंत्री कार्यालय में लिए गए निर्णय के अनुसार भानुपल्ली-बिलासपुर रेल मार्ग का निर्माण कार्य आरम्भ करने के लिए केन्द्रीय वित्त मंत्री से आग्रह किया। प्रधानमंत्री कार्यालय में लिए गए निर्णय के अनुसार रेल मंत्रालय एवं प्रदेश सरकार के मध्य 75ः25 अनुपात के आधार पर परियोजना के वित्त पोषण पर सहमति बनी थी।
उन्होंने कहा कि स्वतत्रंता के पश्चात अभी तक राज्य में केवल 44 किलोमीटर रेल मार्ग के निर्माण का कार्य हो पाया है। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री से प्रदेश में रेल परियोजनओं के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने सभी केन्द्रीय प्रायोजित परियोजनाआंे के लिए केन्द्र सरकार एवं प्रदेश सरकार के मध्य 90ः10 के अनुपात में उत्तर-पूर्वी विशेष श्रेणी राज्यों के समान वित्त पोषण का आग्रह किया। इसके लिए उन्होंने सभी केन्द्र सरकार के मंत्रालयों एवं विभागों को आवश्यक निर्देश जारी करने का भी आग्रह किया।

श्री वीरभद्र सिंह ने प्रदेश की कठिन भौगोलिक परिस्थिति एवं औद्योगिक क्षेत्र में पिछड़ेपन के कारण औद्योगिक पैकेज को बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि औद्योगिक पैकेज के कारण राज्य में औद्योगिकीकरण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ी है। उन्होंने औद्योगिक पैकेज को वर्ष 2020 तक बढ़ाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल में स्थापित उद्योगों को प्रोत्साहन देने से पड़ोसी राज्यों में औद्योगिक निवेश पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ा है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक पैकेज के दौरान सरकार को लगभग 48 हजार करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, लेकिन औद्योगिक घरानों द्वारा राज्य में केवल लगभग 14 हजार करोड़ रुपये का ही निवेश किया गया।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार की वित्तीय चुनौतियों के दृष्टिगत वर्ष 2013-14 की वार्षिक योजना के लिए 2100 करोड़ रुपये का एसपीए/एससीए जारी करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि योजना आयोग ने योजना अवधि के लिए एसपीए/एससीए में वृद्धि पर सहमति दी है। उन्होंने केन्द्रीय वित्त मंत्री से राज्य में एसपीए/एससीए में वृद्धि के लिए योजना पैनल में पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाने की मांग की।

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