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धर्मशाला (अरविन्द शर्मा )

हिमाचल प्रदेश की महिला व पुरूष टीम ने वाटर स्पोर्ट्स में  दो तांबे के मैडल झटके :

पहली बार भाग लिया हिमाचल का नाम ऊंचा किया :

 

वाटर स्पोर्ट्स में भी हिमाचल प्रदेश की लड़कियों व लडक़ों ने अपना दम दिखा दियाI पहली बार राष्टृीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेने गई टीम ने दो तांबे के  पदक प्राप्त कर अपना दम दिखा गया ।

ड्रैगन  बोट फैडरेशन आफ इंडिया द्वारा पांचवी डै्गन बोट प्रतियोगिता का आयोजन 2223 फरवरी 2014 को केरल राज्य के अल्लापुष्ज़ा में किया गया जिसमें पूरे देश की 17 टीमों ने भाग लिया । हिमाचल प्रदेश की टीम का नेतृत्व चमन ने किया , इस टीम में 27 लडक़ों व लड़कियों ने भाग लिया।

लडक़ों की टीम में जिला मंडी व बिलासपुर के  लडक़े कमलेश,मनीश,खेमचंद,तिलक,विपिन,अंकुशस,जीवन,दिनेश,अशवनी,शामलाल,कोच चमन, व तकनीकी गाईड मोहिन्द्र शामिल थे, वहीं लड़कियों की टीम में ठाकुर लक्ष्मी , ठाकुर बसंती, मीनाक्षी धीमान,मनीशा,हंसा,विजय भारती,मनीशा चंदेल , अनीता,रूचिका,प्रिया,प्रीति , प्रितिका , विनोद तथा प्रोमिला ने भाग लिया ।

प्रतियोगिता में लक्ष्य 1000 मीटर, 500 मीटर, 250 मीटर की रेसों का रखा गया था। इसमें लड़कियों व लडक़ों के लिए एक जैसा ही था।  17 टीमों में जो पहले से ही इस प्रकार की प्रतियोगिताओं में भाग ले रही थी, हिमाचल की लडक़ों की टीम ने चमन कोच व गाईड मोहिन्द्र के नेतृत्व में भाग लिया व तांबे के पदक पर कब्जा कर सबको आशचर्यचकित कर दिया ।

वहीं पर हिमाचल प्रदेश की लड़कियों की टीम जो पहली बार डैगन बोट पर सवार हुई ने लक्ष्मी ठाकुर के नेतृत्व में वह कर दिखाया कि सब देखते ही रह गये, हिमाचल प्रदेश की टीम को तांबे का पदक मिला । इस प्रकार पहली बार भाग लेने गई टीम ने दो तांबे के पदक प्राप्त कर हिमाचल प्रदेश का नाम राष्टृीय स्तर पर रोशन किया है ।

       1000 मीटर की  रेस में हिमाचल की टीम पिछड़ गई, लेकिन 500 मीटर की दौड़ में पदक प्राप्त कर ही लिया ।

इसी प्रकार लडक़ों की टीम 1000 मीटर व 500 मीटर में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकी, लेकिन उन्होंने 200 मीटर में तांबे का पदक प्राप्त कर लिया ।   

भारतीय डै्गन बोट फैडरेशन आफ इंडिया के अध्यक्ष सुरजीत सिंह बाजवा व महासचिव प्रवीण कुमार ने कहाकि उन्हें हिमाचल प्रदेश की टीम से बहुत उम्मीदें हैं, उन्होंने कहाकि हिमाचल प्रदेश के बच्चों का मनोबल काफी ऊंचा व सराहनीय है।  प्रदेश में अगर इस खेल को बढ़ावा मिलता है तो हिमाचल प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में बढ़ौत्तरी होगी।

उन्होंने कहाकि कोच चमन के प्रयासों से हिमाचल प्रदेश की टीम केरल जैसे प्रदेश में जाकर अपनी प्रतिभा को दिखाने में सफल रही है

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