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500 में पल रहा है 2nd वल्र्ड वॉर सिपाही ज्वालामुखी · बुजुर्ग खैर दीन · दर्दनाक · दास्तां


Kapil Sharma (Jawala Mukhi )
ज्वालामुखी(·ांगड़ा)। आज भी जिंदा हूं साहब ६३ साल बीत जाने ·े बाद भी नही जागी सर·ार तो अब क्या जागेगी यह दर्द उस सिपाही ·े सीने से बयां हुआ जो सै·ेंड वल्र्ड वॉर ·ा हिस्सा रह चु·ा है। दर्द ·ुछ इस ·दर है ·ि बुजुर्ग हो चु·े इस सिपाही ·ो महज ५०० सौ रुपए पैंशन प्रदेश सर·ार ·ी ओर से मिल रही है। और शायद इस उ मीद में आंख नम हो गई ·ी ·िस तरह से स मानजन· गुजारे से भी महरुम रह रहा लडाई ·ा सिपाही।
पाईनीर ·ोर ·े सिपाही रहे खैर दीन निवासी दरंग ज्वालामुखी ७ मार्च १९४२ ·ो भर्ती हुए इंडियन नैशनल आर्मी में और चार साल १६ अगस्त १९४६ त· वर्मा, मलाया, चट्टे गांव(बांगलादेश) में आर्मी ·े साथ रहे। जब इंडियन आर्मी बनी तो उन्हे घर जाने ·े आदेश हो गए। घर आ·र अपने परिवार ·े पालन पोषण लोगो ·े खेतो में हल चला·र मेहनत मजदूरी ·र·े ·िया। ७० ·े  दश· में १०० रुपए पैशन मिलना प्रदेश सर·ार से शुरु हुई। और बाद में नेताओं, सर·ारों व सैनि· ·ल्याण बोर्ड ·े चक्·र लगा·र १९९४ में इस पैशन ·ो बढा·र ५०० रुपए ·र दिया गया। जब ज्वालामुखी में जीवन जी रहे इस सिपाही पर मेजर जनरल सतीश ·ुमार(रिटायर्ड) ·े घर ·े पास रहते पडोसी खैर सिंह पर नजर पडी तो उन्होने इस सिपाही ·े ह· ·ी लडाई लडने में ए· अहम भूमि·ा निभाते हुए सैनि· ·ल्याण बोर्ड हमीरपुर से इस सिपाही ·ी पैंशन बढाने ·ा आग्रह ·िया। और इस  मेजर जनरल (रिटायर्ड) ·ी मुहिम ने ·ुछ इस ·दर असर छोडा ·ी सैनि· ·ल्याण बोर्ड ने  इस सिपाही ·ी पैशन ·ो ५०० से बढा·र ३००० रुपए ·रने ·े लिए प्रपोजल २०११ में  तैयार ·र·े प्रदेश सर·ार ·ो भेजी। ले·िन बीते ए· साल में प्रदेश सर·ार ·ी नजरे इ नायत ·ा इतंजार ·रती आंखे अब जीवन ·े अंतिम पडाव से गुजर रही हैं। उधर डायरेक्टर सैनि· ·ल्याण बोर्ड हमीरपुर ब्रिगेडियर रजिन्द्र सिंह राणा (रिटायर्ड) ·ा ·हना है ·ि प्रदेश सर·ार ·ो पैशन बढाए जाने ·े लिए प्रपोजल भेजा गया है। और उ मीद है ·ी प्रदेश सर·ार ·ी ओर से ज्यादा से ज्यादा राहत दी जाएगी।
उधर से·्रेटरी एस डब्लयू डी हिमाचल प्रदेश अजय भंडारी शिमला से मीटिंग में व्यस्त होने ·े ·ारण बात नही हो स·ी।

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