Header ad
Header ad
Header ad

हिमाचल वासियों द्वारा दिल्ली में सायर उत्सव का आयोजन

शिमला 14 सितम्बर, 2013

राजस्व तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार देश के विभिन्न हिस्सों में बसे पहाड़ी मूल के निवासियों को अपनी सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहर बचाने एवं पारिवारिक मूल्यों को जीवित रखने में पूरी सहायता प्रदान करेगी।
श्री कौल सिंह ठाकुर ने आज नई दिल्ली में वार्षिक सायर उत्सव समारोह के अवसर पर दिल्ली में बसे हिमाचल वासियों को शाह सभागार में सम्बोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश से बाहर रह रहे हिमाचली मूल के निवासियों का डाटा बैंक तैयार करेगी, ताकि उन्हें प्रदेश के विकास से जोड़ा जा सके। उन्होंने देश के महानगरों की विभिन्न हिमाचली संस्थाओं को एकसूत्र में पिरोने की वकालत करते हुए कहा कि ये संस्थाएं प्रदेश के लिए ‘ब्रांड एम्बेसेडर’ का कार्य कर सकती हैं।
उन्होंने देश के विभिन्न महानगरों में कार्यरत हिमाचली संस्थाओं में आपसी समन्वय, सहयोग तथा सक्रिय हिस्सेदारी की आवश्यकता पर बल देते हुए इन संस्थाओं से ‘हिमाचल भवन’ स्थापित करने का अनुरोध किया, ताकि हिमाचल वासी यहां विभिन्न त्यौहारों, पर्वों, उत्सवों इत्यादि पर आपस में मिल सकें। इससे उनमें भावनात्मक एकता की भावना और सुदृढ़ होगी।
राजस्व मंत्री ने इस अवसर पर सभी हिमाचली संगठनों को एक विस्तृत डायरेक्ट्री छापने का सुझाव दिया, ताकि सभी से त्वरित सम्पर्क स्थापित किया जा सके। उन्होंने इन संगठनों को फेस बुक, ट्वीटर इत्यादि जैसे सोशल मीडिया का अधिकतम उपयोग करने की सलाह दी, ताकि आज की शिक्षित पीढ़ी को अपने पूर्वजों की जन्म भूमि से जोड़ा जा सके।
श्री कौल सिंह ठाकुर ने राज्य सरकार की उपलब्धियों का ब्यौरा देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने कांग्रेस पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र को सरकारी दस्तातेज के रूप में अपनाया है तथा सभी चुनावी वायदों को पूरा किया जाएगा। उन्होंने राज्य के गठन के बाद हुए विकास का ब्यौरा देते हुए कहा कि आज हिमाचल देश के समृद्धतम राज्यों की श्रेणी में आ गया है।
श्री कौल सिंह ठाकुर ने इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले स्कूली बच्चों को अपनी ऐच्छिक निधि से 11 हजार रुपये प्रदान करने की घोषणा की।
.

Share

About The Author

Related posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Please Solve it * *

Powered By Indic IME
Type in
Details available only for Indian languages
Settings Settings reset
Help
Indian language typing help
View Detailed Help