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हिमाचल की 181 महिलाओं का कोई अता-पता नहीं

2015_1image_00_51_548663677DGPSANJAYKUMAR-llधर्मशाला : राज्य पुलिस महकमे के रिकार्ड में महिलाओं और बच्चों की गुमशुदगी के बढ़ते मामलों से हिमाचल में मानव तस्करी की आशंका गहरा गई है। बीते 2 साल में 181 महिलाओं-युुवतियों और 38 बच्चों की रहस्यपूर्ण गुमशुदगी दर्ज हुई है। लापता महिलाओं और बच्चों की लंबी फेहरिस्त में शिमला, सोलन, मंडी और ऊना के आंकड़े भयावह स्थिति की ओर इशारा कर रहे हैं। इन जिलों से सिलसिलेबार गुमशुदगी के मामले सामने आ रहे हैं, जिसने पुलिस अधिकारियों को भी सकते में डाल दिया है। प्रदेश भर से लापता हुए लोगों की सूची में 125 पुरुषों की संख्या भी दर्ज है। हिमाचल में 2013 और 2014 में कुल 345 लोग लापता हुए हैं। इन लापता लोगों का कोई अता-पता नहीं चल पाया है और पुलिस की वैबसाइट में ये नाम अभी तक फ्लैश हो रहे हैं। पूरे प्रदेश के मिसिंग रिकार्ड की गहन पड़ताल से कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। शिमला, मंडी, ऊना और सोलन से सबसे ज्यादा युवतियां और बच्चे गायब हुए हैं। गायब युवतियों में 14 साल से लेकर 27 साल की उम्र की अधिक हैं। रिकार्ड में दर्ज गुमशुदा बच्चे बाजारों से लापता हुए हैं और कुछ तो घटना के वक्त स्कूल ड्रैस में ही थे। वहीं पुरुषों की गुमशुदगी अस्पतालों से अधिक दर्ज की गई है। पुलिस गुमशुदा महिलाओं और बच्चों को ढूंढऩे  में गंभीर है। कई बार लापता हुए लोग मिल जाते हैं, लेकिन मिसिंग रिकार्ड से उनके नाम कई दिनों तक नहीं हटते। वह रिकार्ड को फिर से खंगालेंगे। किस जिले में क्या स्थिति है, सूची देखने के बाद ही कोई टिप्पणी की जा सकती है। फिलहाल, पुलिस ट्रैकिंग अभियान छेड़े हुए और लापता लोगों की रिकार्ड दूसरे राज्यों की पुलिस से भी शेयर किया गया है। सभी जिलों की पुलिस को भी ऐसे मामलों में गभीरता बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं। 

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