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सुंदरनगर में वृद्धा को छत नसीब नहीं

18-mnd-snr-18-300x216सुंदरनगर — जिदंगी के अंतिम पड़ाव पर खड़ी ध्वाल पंचायत के सुनेहणी गांव की 80 वर्षीय वृद्ध असहाय महिला को सिर छिपाने के लिए कहीं भी सहारा नहीं मिल रहा है। रोगग्रस्त होने के बावजूद यहां अस्पताल में उपचाराधीन देवकु देवी अब अस्पताल से प्राथमिक उपचार करवाने के बाद कहां जाएगी। टांग की हड्डी टूटने के बाद उपचार होने पर बेसहारा देवकु देवी को अस्पताल प्रबंधन रिलीव कर रहा है, लेकिन उसके पास रहने के लिए कोई ठिकाना ही नहीं है। शरण देने के नाम पर वृद्ध आश्रम व अन्य समाजसेवी संस्थाएं भी उक्त महिला की देखभाल करने व उसे सिर छिपाने के लिए ठिकाना देने में असमर्थ नजर आईं। सुंदरनगर के महामाया मंदिर के समीप देहरी में वृद्धों के बने आश्रम में भी संचालकों ने उक्त महिला को शरण देने के बजाय दुत्कार दिया है। वृद्ध महिला के अलावा वृद्ध आश्रम के न्यासियों के साथ अध्यक्ष पद्म सिंह गुलेरिया ने औपचारिकताओं का पुलिंदा वृद्धा की राह में रोड़ा बनाकर खड़ा कर दिया है, जबकि वृद्ध आश्रम के उत्थान के लिए जिला प्रशासन समेत जनता के  चुने हुए नुमाइंदे करोड़ों की आर्थिक सहायता राशि दे चुके हैं। देवकु देवी की मदद कर रहे अधिवक्ता एवं समाजसेवी जोगिंद्र ठाकुर ने बताया कि बुजुर्ग देवकु देवी इससे पहले भी बीमार हुई थी और उन्हें अस्पताल में रहना पड़ा था। उन्होंने बताया कि देवकु के परिवार में अपना सगा कोई नहीं है। उन्होंने बताया कि बुजुर्ग देवकु देवी को सुंदरनगर स्थित वृद्ध आश्रम में रखे जाने की आश्रम प्रबंधन से प्रार्थना की थी, लेकिन आश्रम प्रबंधन ने वृद्धा को रखने से इनकार कर दिया। एसडीएम, सुंदरनगर एचएस राणा ने कहा कि मामला ध्यान में आया है। वृद्ध आश्रम के पदाधिकारी बाद में भी औपचारिकताओं को पूरा कर सकते हैं। जल्द मामले की छानबीन की जाएगी।

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