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सरकार संस्कृत को बढ़ावा देने के प्रति वचनबद्धः मुख्यमंत्री

धर्मशाला, मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि ब्राह्मण हमेशा ही समाज के पथ प्रदर्शक होने के नाते आदरणीय रहे हैं और इस समुदाय ने देश में ज्ञान का संचार किया है। मुख्यमंत्री कांगड़ा में हिमाचल प्रदेश ब्राह्मण कल्याण परिषद के 21वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। वीरभद्र सिंह ने कहा कि संस्कृत एक प्राचीन व समृद्ध भाषा है, जिसने
देश की सभी भाषाओं की जननी है। उन्होंने कहा कि केन्द्र व प्रदेश सरकारों ने संस्कृत भाषा को सरंक्षण और प्रोत्साहन देने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। यह भाषा केन्द्रीय विद्यालयों के साथ-साथ प्रदेश सरकार के अनेक स्कूलों में भी पढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 6 संस्कृत महाविद्यालय हैं और विद्यार्थी इस भाषा को पढ़ने में रूचि ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने विभिन्न समुदाय की समस्याओं के निदान व उनके हितों को सुरक्षित करने के लिए विभिन्न बोर्डों का गठन किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने गत वर्ष ब्राह्मण कल्याण बोर्ड का गठन किया है। वीरभद्र सिंह ने उपायुक्त को कांगड़ा में ब्राह्मण सभा को भवन निर्माण के लिए पट्टे पर जमीन उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। ब्राह्मण कल्याण परिषद के अध्यक्ष श्री वेद प्रकाश ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और परिषद की विभिन्न गतिविधियों से अवगत करवाया।
शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा, मुख्य संसदीय सचिव श्री इन्द्रदत्त लखनपाल, विधायक श्री संजय रतन, अजय महाजन एवं यादविन्द्र गोमा, अन्य पिछड़ा वर्ग वित्त विकास निगम के अध्यक्ष चन्द्र कुमार, स्वतंत्रता सेनानी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष सुशील रतन, पूर्व विधायक श्री सुरेन्द्र काकू, हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष बलबीर तेगटा, उपायुक्तसी.पालरासू, पुलिस अधीक्षक श्री कपिल शर्मा तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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