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सरकार युवाओं को गुणात्मक शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए कृतसंकल्पः मुख्यमंत्री

धर्मशाला, मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने शिक्षा के क्षेत्र में तेजी के साथ विकास किया है, और आज प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सत्तासीन कांग्रेस सरकारों ने विद्यार्थियों को उनके घरों के नजदीक उपयुक्त अधोसंरचना सृजित करके गुणवत्तापरक शिक्षा प्रदान करने के लिए सदैव सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की है, और इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए अधिकांश शिक्षण संस्थान राज्य के दूरदराज़ और पिछड़े क्षेत्रों में खोले गए हैं। वीरभद्र सिंह गत वीरवार सायं स्नातकोत्तर महाविद्यालय धर्मशाला के पूर्व विद्यार्थी एसोसियेशन के समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के गठन के समय राज्य में केवल एक महाविद्यालय था, जो कि शिमला में था। बाद में, जब पंजाब के पहाड़ी क्षेत्रों का हिमाचल में विलय हुआ, तो कांगड़ा का महाविद्यालय भी सूची में जुड़ गया। आज, अकेले कांगड़ा जिले में ही 15 महाविद्यालय हैं, जबकि प्रदेश में सरकारी क्षेत्र में 85 महाविद्यालय क्रियाशील हैं, और इनमें से अधिकांश कांग्रेस सरकारों ने खोले हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों द्वारा प्रदेश के विभिन्न भागों में और महाविद्यालय तथा स्कूल खोलने की मांग की जा रही है, और सरकार इनकी व्यावहारिकता पर विचार करने के उपरांत और महाविद्यालय तथा स्कूल खोलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार लड़कियों को घर-द्वार के नजदीक शिक्षा सुविधा उपलब्ध करवाने और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के दृष्टिगत राज्य के दूरदराज तथा दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षण संस्थान खोलने पर बल दे रही है। मुख्यमंत्री ने महाविद्यालय के सभागार का निर्माण कार्य चार माह में पूरा करने के लिए लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए। उन्होंने महाविद्यालय के
विज्ञान खण्ड के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाने का आश्वासन भी दिया। हि.प्र. वन विकास निगम के उपाध्यक्ष श्री केवल सिंह पठानिया ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के नेतृत्व में तेजी से विकास और प्रगति की है। वन मंत्री, ठाकुर सिंह भरमौरी, मुख्य संसदीय सचिव इन्द्र्र दत्त लखनपाल, विधायक संजय रतन व श्री यादविन्द्र गोमा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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