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सरकार ने किया अढ़ाई लाख के साथ मजाक

मंडी, प्रदेश के अढ़ाई लाख कर्मचारियों के साथ सरकार ने भद्दा मजाक किया है। जुलाई 2014 से देय डीए को मार्च 2015 तक कर्मचारियों के खाते में डालना कोई कर्मचारी हित में फैसला नहीं है। प्रेस को जारी बयान में प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के महामंत्री एनआर ठाकुर ने ये शब्द कहे। उन्होंने कहा कि शिमला में जो जेसीसी की बैठक अढ़ाई साल के बाद हुई और बैठक में जो कुछ हुआ वह मात्र छलावा ही है। सरकार ने यह किस्त मार्च तक खाते में डालनी थी तो इसकी घोषणा 15 अप्रैल, 2015 को होती। कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की किस्त के अलावा कुछ भी नहीं दिया गया। करूणामूलक आधार पर आय सीमा को एक लाख 25 हजार से मात्र डेढ़ लाख किया गया, जबकि मांग अढ़ाई लाख की थी। डेढ़ लाख से एक चपरासी का बच्चा भी नौकरी नहीं लग सकता जो कर्मचारियों का डिमांड चार्टर का उसके मुताबिक एक भी मांग कर्मचारियों की पूरी नहीं हो पाई है।

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