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सरकार के लिए सकोह की बिजली की ‘बलि’

धर्मशाला, जिला मुख्यालय धर्मशाला के साथ लगते सकोह को सरकार के प्रवास के दौरान चैतड़ू से बिजली के कनेक्शन के लिए जोड़ दिया जाता है। वहीं, सकोह को चैतड़ू की रोशनी का आधा-अधूरा साथ ही मिल जाता है। प्रदेश सरकार के स्वागत को धर्मशाला की गलियां तो रोशनी से जगमगा उठती हैं, लेकिन सकोह का पूरा क्षेत्र बनवास में चला जाता है। इस कारण लोगों को बिजली कट से बार-बार परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। लोगों ने बिजली बोर्ड के प्रति भी आक्रोश जताया है। मिनी राजधानी कहे जाने वाले धर्मशाला शहर को रोशन किए जाने के लिए सकोह गांव को अब अंधेरे में धकेला जा रहा है। कांगड़ा प्रवास के दौरान सरकार धर्मशाला में पहुंची तो सकोह की विद्युत आपूर्ति को चैतड़ू से जोड़ दिया गया। इस कारण सकोह व आसपास के क्षेत्रों में बार-बार बिजली कट की परेशानी से लोगों को जूझना पड़ा है। जानकारी के अनुसार पिछले एक सप्ताह से लगातार सकोह गांव में लाइट जाने की समस्या सता रही है। इतना ही नहीं, चैतडू़ में मेजर फाल्ट आने से घंटों बत्ती गुल हो रही है। वहीं, बिजली बोर्ड के अधिकारियों की मानें तो सर्दियों में विद्युत लोड अधिक होने से चैतडू़ से सकोह को जोड़ा जा रहा है। धर्मशाला में लोड की क्षमता कम होने के कारण सकोह को कनेक्शन नहीं दिया जा रहा है। अब बिजली कनेक्शन के लिए कभी धर्मशाला तो कभी चैतड़ू पर निर्भर रहने वाला सकोह अपनी रातें अंधेरे में ही काट रहा है। बिजली बोर्ड के चैतड़ू से कनेक्शन और बार-बार कट से परेशान होने वाले लोगों का कहना है कि सकोह में विद्युत की सही आपूर्ति की जानी चाहिए। बिजली के सर्दियों में बार-बार कट लगने से उन्हें काफी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।

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